
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)20 जून।चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नए-नए आविष्कार और सुधार से जान का जोखिम कम होते जा रहा है लेकिन इसका असर मरीजों की जेब पर पड़ता है। जैसे ही मरीज अपनी इलाज के लिए चिकित्सक के पास जाता है तो अल्ट्रासाउंड कराने की बात कही जाती है। परेशानी चाहे जो भी हो इलाज तो जरूरी है ही। आज इसके लिए एक स्थानीय युवा,प्रसिद्ध ,अनुभवी अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ डॉक्टर अभिषेक आनंद से जानकारी ले रहे की अल्ट्रा साउंड क्या है, कराना क्यों जरूरी है।
बताते चलें की डा अभिषेक आनंद की प्राथमिक शिक्षा डीएवी,जा पॉल, उच्च शिक्षा सेंट जॉजेज कॉलेज मसूरी, भारतीय विद्यापीठ पुणे से एमबीबीएस, एमडी, रेडियोलॉजिस्ट में विशिष्टता की डिग्री हासिल की,तीन साल तक केएमसी मनिपाल में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर रहे। फिर 2017 मे अपनी जन्म भूमि और कर्मभूमि की पावन धरती आरा में सेवा देने के लिए उपस्थित हुए और उसी समय से अपने आवासीय क्लीनिक में मरीजों की सेवा में लगे हैं।

इनकी माता डा सबिता रुंगटा स्त्री रोग विशेषज्ञ, पिता डा एस के रुंगटा प्रसिद्ध नेत्र सर्जन, पत्नी डा राखी अग्रवाल स्त्री रोग विशेषज्ञ है पूरा चिकित्सक परिवार आरा प्रोफेसर कालोनी में रहते है।
अल्ट्रासाउंड के बारे में इन्होंने बताया कि यह एक नई तकनीक पर आधारित मशीन है जिसके माध्यम से शरीर के अंदर की विभिन्न छोटे छोटे हिस्से को देखकर पता लगाया जाता है।उनमें किसी भी प्रकार के बदलाव या असामान्यता देखकर संबंधित चिकित्सक को अपनी टिप्पणी दिया जाता है।खास कर गर्भवती महिलाओं के लिए तो अल्ट्रासाउंड वरदान है। पेट के अंदर बच्चे की पूरी जानकारी मिलती है,सभी अंगों का समुचित विकास हो रहा है या नहीं, स्वास्थ्य कैसा है,तब संबंधित चिकित्सक उसका ईलाज करते हैं। शरीर के भीतर जो महत्वपूर्ण अंग है जिसमें -लिवर किडनी , अंतड़िया,पेट,पेशाब की थैली, बच्चेदानी ,बच्चेदानी आदि जिसे समय पर इलाज नहीं होने पर जान जाने का खतरा रहता है , अल्ट्रासाउंड के माध्यम से पता चल जाता है और मरीज स्वस्थ्य हो जाता है।
एक प्रश्न के जवाब में डॉक्टर अभिषेक ने बताया कि हम सबों का रहन-सहन,खानपान में काफी बदलाव हुआ है। जिसमें सबसे ज्यादा फास्ट फूड है जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव शरीर खासकर किडनी पर पड रहा है।समाज में शादी विवाह,जन्मदिन,पार्टियों में जमकर रिफाइंड आयल, मसाला, केमिकल्स का प्रयोग,कोल्डड्रिंक,आईस क्रीम,आदि का प्रयोग रोग को बढ़ावा दे रहे हैं। निदान के संबंध में डाक्टर ने बताया की सर्वप्रथम दिनचर्या नियमित करें, टहलना,योग, व्यायाम पर समय दे,हरे साग सब्जीयों का उपयोग करें,बाहरी या बाजार के सामान न खाएं,फास्ट फूड से परहेज़ करें,देर रात तक न जगे। बिल्कुल स्वस्थ रहना है तो साल में एक बार अपना जांच आवश्य करा लें।इलाज से परहेज़ अच्छा है। स्वास्थ ही धन है यही सारस्वत सत्य है इसे कबूल कर लें।
