आरा /भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)26 मई। शनिवार को महर्षि सद्गुरु सदाफल देव विहंगम योग संस्थान भोजपुर सत्संग भवन महाराजा हाता में सप्ताहिक सत्संग संगोष्ठी आयोजित किया गया।जिसका
संचालन संयोजक राजवंश सिंह ने किया। उपदेष्टा पुनम सिंह ने कहा – हम सभी सद्गुरु के आधार से अपने जीवन को चलावे तभी हमारा कल्याण होगा। सेवा धर्म बड भाई ….. भावोद्गार की कड़ी में पटना पश्चिमी प्रमंडल के मंत्री उमेश कुमार ने कहा — गुरू कृपा हम सबको मिलना अत्यंत ही दुर्लभ है।हम सभी को निरीक्षण करना है कि हम सभी सेवा, सत्संग, एवं साधना में कितना निपुण हैं । स्वामी जी ने स्ववेंद में स्पष्ट कहा – मन की चाल कुचाल है,जीव ही उबट चलाए।मन फंदा में जीव पड़े,बीन सद्गुरु कौन छुडाय ।बिहार ,के महामंत्री भूपेंद्र राय ने कहा — संसार में तीन तरह के गुरू है – गुरू – गुरूआ — सद्गुरु। गुरू और गुरू आ तो प्रकृति का ही ज्ञान बतला सकते हैं, लेकिन सद्गुरु तो प्रकृति के साथ ही साथ प्रकृति से परम का ज्ञान करा देते हैं। विहंगम योग का ज्ञान प्राप्त करने के लिए सद्गुरु की आवश्यकता पड़ती है।
अंत में भारतीय लोकतंत्र के महान पर्व में आगामी 1 जून 2024 को समस्त नागरिकों को आवाहन किया जिनका उम्र 18 वर्ष से उपर हो वे अवश्य ही अपने मताधिकार का प्रयोग अथिक से अधिक संख्या में करें। जिसमें स्वस्थ्य लोकतंत्र का निर्माण हो सके।
कार्यक्रम में विजय पाण्डेय, दीपनारायण प्रसाद,सुरेश कुमार, अमरेन्द्र श्रीवास्तव,कमल किशोर श्रीवास्तव, रामजी यादव, अमित कुमार, रीता देवी, शिवकुमारी देवी, गुड़िया देवी, पिंकी प्रसाद, पुष्पा देवी के अलावे दर्जनों गुरू भाई बहनों की उपस्थिति रही।
