
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का निपटारा करना है :सीजेएम शैलजा गुप्ता
RKTV NEWS/नारनौल(महेंद्रगढ़)24 अप्रैल। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य न्यायालयों के बाहर दोनों पार्टियों की सहमति से विवादों का सुलहपूर्ण निपटारा करना है। संपत्ति की मांग, वित्तीय विवाद और वैवाहिक मुद्दों जैसे पारिवारिक विवादों को लोक अदालतों द्वारा व्यापक और प्रभावी ढंग से हल किया जाता है। यह बात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शैलजा गुप्ता ने मंगलवार को एडीआर सेंटर में किशोर न्याय अधिनियम, पोक्सो एक्ट के संबंध में अधिकारियों की बैठक लेते हुए कही।
सीजेएम ने कहा कि आगामी 11 मई को नारनौल, महेंद्रगढ़ व कनीना में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें लोग अधिक से अधिक अपने केस लगवाकर आपसी सहमति से केस का निपटारा करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसमें साल दर साल कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने होते बल्कि आपसी सहमति से मौके पर ही केसों का निपटारा कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अदालत में जो निपटारा हो जाता है उसे जहां एक और आपसी भाईचारा बना रहता है वहीं दूसरी ओर आर्थिक नुकसान होने से भी लोग बच जाते हैं।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 तथा 15100 पर पर फोन कर भी कानूनी जानकारी ले सकते हैं।
इस मौके पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी संतोष कुमारी ने पोक्सो एक्ट के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार से सैक्सुअल शोषण करने वाले व्यक्ति पर इस एक्ट के तहत कार्यवाही की जाती है। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत अलग अलग किए गए अपराधों के लिए अलग-अलग सजा का प्रावधान है।
इस मौके पर जितेंद्र सिंह ने किशोर न्याय अधिनियम, अधिवक्ता गिरिबाला यादव ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मिलने वाली कानूनी सहायता व समाज कल्याण से गुरजीत सिंह ने पेंशन संबंधी जानकारी दी।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता अजय पांडेय, शिक्षा विभाग से अध्यापिका पुष्पा व पूनम, वन स्टॉप सेंटर से काउंसलर ओम प्रकाश, आंगनवाड़ी वर्कर, पुलिस अधिकारी व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

