भोपाल/ मध्यप्रदेश 22 फरवरी।भोपाल वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच की मध्यप्रदेश इकाई के द्वारा आयोजित इस माह की काव्य गोष्ठी आज चिनार पार्क भोपाल में संपन्न हुई जिसमें हमारे मुख्य अतिथि चरणजीत सिंह कुकरेजा थे।
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कला मंदिर संस्था के अध्यक्ष गौरी शंकर गौरीश ने की।अतिथियों का स्वागत पुष्प भेंट द्वारा किया गया।
गोष्टी का आगाज एवं सभी का स्वागत करते हुए इकाई अध्यक्ष जया आर्य ने कहा- अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच पर हमें एकत्रित होने का गौरव प्राप्त हुआ1 उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया और बसंत ऋतु पर अपनी एक सुंदर रचना प्रस्तुत की- “स्वागत में ऋतुराज खड़ा था… सुनाई l
आरंभ में शकुंतला कालिया द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई l कार्यक्रम का कुशल संचालन वीके श्रीवास्तव ने किया l
मुख्य अतिथि चरणजीत सिंह कुकरेजा ने अपने सारगर्भित उद्बोधन से संस्था का मार्गदर्शन किया किया और अपनी सुंदर रचना फूल खिले हैं डाली डाली व वृक्ष उपन्यास है सुनाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कला मंदिर संस्था के अध्यक्ष गौरी शंकर गौरीश ने अपने सारगर्वित उद्बोधन से मार्गदर्शित करते हुए सभी रचनाकारों सराहना की और अपनी एक सुंदर रचना- “चिनार पार्क में साहित्य जगत के फूल खिले हैं.. प्रस्तुत की l
गोष्ठी में लगभग 15 रचनाकारों ने सहभागिता की व सुंदर रचनाएं सुनाई l बिहारी लाल सोनी ने- बसंत रितु आ गई, सुधा दुबे ने- फूलों पर हो निखार तो समझो बसंत है l शिवांश सरल ने- मुड़ के देखा ना करो …l सुनीता केसवानी ने- खुद से वादा है ..l मृदुल त्यागी ने- बसंत आगमन का संदेश … l प्रेमचंद गुप्ता ने उपवन में उल्लास छा गया l वी के श्रीवास्तव ने – कल रात पैर अकड़ने लगे … l चंदा पालीवाल- बढ़े चलो बढ़े चलो..l सुनील दुबे ने- बरस भर इंतजार करता हूं..l मीनू पांडे ने उठो धरा श्रृंगार करो..l इसके अलावा रजनी यादव, करुणा दयाल,अनिल खरे आदि रचनाकारों ने सुंदर रचनाएं प्रस्तुत की l
अंत में कार्यक्रम का आभार अनिल खरे ने व्यक्त किया और सौहाद्र पूर्ण वातावरण में काव्य गोष्ठी संपन्न हुई।


