शिक्षा विभाग पराली से होने वाले नुकसान हेतु विद्यालयों में प्रार्थना एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से करेगा जागरूक।
RKTVNEWS/आरा (भोजपुर)20 अप्रैल।जिला पदाधिकारी भोजपुर की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिव कृषि विभाग के निर्देशन के आलोक में फसल अवशेष प्रबंधन हेतु अंतर्विभागीय समूह की बैठक की गई। यह बैठक फसलों के अवशेष को खेतों में न जलाने तथा फसल अवशेष जलने से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों तथा आमजन के बीच जागरूकता फैलाने से संबंधित थी । इस अंतर्विभागीय समूह में अध्यक्ष के रूप में जिला पदाधिकारी तथा सदस्य के रूप में जिला वन पदाधिकारी, अपर समाहर्ता प्रभारी आपदा, जिला सहकारिता पदाधिकारी , जिला शिक्षा पदाधिकारी , जिला पंचायती राज पदाधिकारी ,सिविल सर्जन , जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी , परियोजना निदेशक आत्मा , तथा जिला कृषि पदाधिकारी इसके सदस्य सचिव है । बताया गया की कृषि विभाग के सचिव के निर्देशन के आलोक में अंतर्विभागीय समूह की बैठक धान फसल की कटाई के समय अर्थात अक्टूबर के अंतिम सप्ताह और नवंबर के प्रथम सप्ताह में तथा गेहूं फसल की कटाई के समय मार्च के अंतिम सप्ताह अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक नियमित अंतराल पर आयोजित की जाएगी।
समानता यह देखा जा रहा है कि किसानों द्वारा मजदूरों के अभाव में फसलों विशेषकर धान गेहूं की कटनी के उपरांत फसल अवशेष जैसे कुटी, भूसा आदि को खेतों में ही जला दिया जाता है । किसानों द्वारा खेतों में फसल अवशेष को जलाने से मिट्टी स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव के बारे में उन्हें जागरूक करने की आवश्यकता है इसी संदर्भ में जिला स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा कार्य दायित्व का निर्धारण किया गया है । जिसमें कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, सहकारिता विभाग , पंचायती राज विभाग तथा सूचना एवं जन संपर्क विभाग को विशेष दायित्व दिए गए। शिक्षा विभाग द्वारा यह बताया गया है कि विद्यालयों में कक्षा के आरंभ से पूर्व किए जाने वाले प्रार्थना के दौरान पराली से होने वाले नुकसान के संदर्भ में छात्रों एवं उनके अभिभावकों को कुछ लिखित संदेश पढ़ने को दिए जाएंगे तथा छात्र-छात्राओं के बीच फसल अवशेष ना जलाने पर वाद विवाद, चित्रकला प्रतियोगिता आदि के आयोजनो को किया जाएगा।
बैठक में बताया गया की सहकारिता विभाग द्वारा प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी के माध्यम से फसल अवशेष के उपयोग पर किसानों को जागरूक किया जाएगा । जिला पदाधिकारी द्वारा यह जानकारी प्राप्त की गई कितने क्षेत्र हैं जहां पर इस तरह की घटनाएं जिले में हो रही है ।कृषि पदाधिकारी द्वारा तरारी तथा शाहपुर में चार-पांच घटनाओं की चर्चा की गई । जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया है कि ऐसी घटनाओं की जांच प्रखंड कृषि पदाधिकारी तथा अनुमंडल कृषि पदाधिकारी से करते हुए वहां पर जागरूकता संबंधित कार्यक्रम चलाया जाए । इसके अतिरिक्त प्रखंड कृषि पदाधिकारी से इस बात का भी पता लगा लें की कंबाइनड हार्वेस्टिंग बिना लाइसेंस का कहीं प्रयोग हो रहा है या नहीं। केoवीoकेo के वैज्ञानिक द्वारा बताया गया कि पराली का उपयोग मशरूम उत्पादन में किया जा रहा है।सभी संबंधित विभागों को जिला पदाधिकारी द्वारा आवश्यक निर्देश दिए गए एवं कार्य योजना पर कार्य करने हेतु कहा गया।

शिक्षा विभाग पराली से होने वाले नुकसान हेतु विद्यालयों में प्रार्थना एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से करेगा जागरूक।