RK TV News
खबरें
Breaking Newsअभिव्यक्ति

सार्थक लोकतंत्र के लिए 4 मंत्र: रविंद्र कुमार

रविंद्र कुमार

RKTV NEWS/रविंद्र कुमार,10 अप्रैल।भारत लोकतंत्र का विश्व में सबसे बड़ा देश है। भारत में 18 वी लोकसभा चुनाव का आगाज हो चूका है। यह चुनाव भारत में सात चरणों में होने जा रहा है। मतदाता धर्म संकट में है कि अपना बहुमूल्य वोट किसे दें, जो स्थाई सरकार बना सके। क्योंकि स्थाई सरकार बनने पर ही हमारे देश का विकास संभव है अगर जोड़-तोड़ की सरकार बनती है तो हमेशा कुर्सी बचाने में समय निकल जाएगा और देखते-देखते 19 वी लोकसभा का चुनाव आ जाएगा। इसलिए सही लोकतंत्र को कायम रखने के चार बातों पर अमल करने की आवश्यकता है जो क्रमशः इस प्रकार हैं:-
(1) आत्म निर्णय का अधिकार :हमारे भाग्य का निर्णय यदि किसी दूसरी सत्ता के हाथ में हो तो वह हमारी सार्वभौम सत्ता के प्रतिकूल है, दुःख और सुख दोनों ही हमारी सृष्टि है। तुम ही अपने मित्र हो और तुम ही अपने शत्रु। यह निर्णय तुम ही करना है कि आप क्या चाहते हो? यह बात लोकतंत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, जहां व्यक्ति को आत्म निर्णय का अधिकार नहीं होता, वहां उसका पुरुषार्थ कुंठित हो जाता है। नवनिर्माण के लिए पुरुषार्थ और पुरुषार्थ के लिए आत्मनिर्णय का अधिकार आवश्यक है।
(2) सापेक्षता :- इसका अर्थ है कि सभी को समान अवसर जैसे चलते समय एक पर आगे बढ़ता है तो दूसरा पीछे रहता है फिर आगे वाला पीछे आ जाता है और पीछे वाला आगे। इस क्रम से गति होती है और मनुष्य आगे बढ़ता है। इसी तरह मक्खन निकालने के लिए मथानी से दूध हिलाते समय एक हाथ पीछे जाता है और दूसरा आगे आता है फिर आगे पीछे क्रम से नवनीत निकलता है खेह मिलता है। सापेक्षता का रहस्य ही लोकतंत्र की रीढ़ है। कुछ व्यक्ति सत्ता, अधिकार, पद और कुर्सी से चिपक कर बैठ जाए और दूसरों को अवसर न दें तो असंतोष की ज्वाला भभक उठती है। यह सापेक्षता हो तो अवांक्षनीय अलगाव नहीं होता है।
(3) समानता :- समानतासमानता समानता आत्मिक समानता की अनुभूति के बिना अहिंसा विफल हो जाती है । लोकतंत्र की विफलता का मूल कारण है विषमता।
(4) आत्मानुशासन :- आत्मानुशासन इसका तात्पर्य है कि दूसरों पर शासन मत करो शासन करो अपने शरीर पर अपनी वाणी पर और अपने मन पर। यह अच्छा नहीं होगा कि कोई व्यक्ति वध, दंड और बंधन के द्वारा आपके ऊपर शासन करें। लोकतंत्र की सफलता आत्मानुशासन पर निर्भर है। बहरी नियंत्रण जितना अधिक होता है, लोकतंत्र उतना ही निस्तेज होता है। उसकी तेजस्विता इस बात पर निर्भर करती है कि देशवासी अधिक-से-अधिक आत्मानुशासित हो।
कहने का तात्पर्य है कि आप अपना बहुमूल्य वोट अवश्य दें लेकिन इन चार बातों को (आत्म निर्णय का अधिकार, सापेक्षता, समानता, आत्मानुशा ता, समानता, आत्मानुशासन) ध्यान में रखकर।
लेखक सरकारी विद्यालय में शारीरिक शिक्षा शिक्षक एवं भोजपुर फुटबॉल संघ के सचिव के साथ साथ बिहार फुटबॉल संघ ,पटना के कार्यकारिणी सदस्य हैं।

Related posts

मेरी माटी मेरा देश अभियान के अंतर्गत अमृत कलश यात्रा आयोजन को लेकर मुख्य विकास अधिकारी वरुण चौधरी की बैठक।

rktvnews

छठव्रतियों ने किया खरना, शाम मे किया प्रसाद ग्रहण।

rktvnews

अच्छी स्क्रिप्ट और दमदार अभिनय फिल्मों को अमर बनाते हैं: 18वें मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म उत्सव में ‘पोचर’ के निर्देशक रिची मेहता।

rktvnews

रांची:मतदाता सूची में नाम जुड़वाने अथवा पुराने मतदाता पहचान पत्र को अद्यतन कराने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन किया जा सकता है आवेदन : के. रवि कुमार , मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी

rktvnews

भोजपुर: लालू यादव के जन्म दिवस पर दलित – महादलित बस्तियों में प्रदेश महासचिव के नेतृत्व में किया गया भोजन एवं पाठ्य सामग्रियों का वितरण।

rktvnews

16 सितंबर 23 दैनिक पञ्चांग- ज्योतिषाचार्य संतोष पाठक

rktvnews

Leave a Comment