
शक्तिपुंज है नारी!
नारी क्या है?
धरती है,
वरदान है,
जगत की सच्चाई है,
माँ है,
सृजन है,
श्रृंगार है,
प्रेम है,
वात्सल्यता है,
दया है,
ममता है,
करुणा है,
कृति है,
संवेदना है,
त्याग है,
रचना है,
विवेचना है,
सौंदर्य है,
गृहणी है।
स्नेह है,
मुस्कान है,
सहजता है,
नटराज है।
पुरुष क्या है?
मात्र एक अंश,
अंश सर्जक बड़ा कैसे हो सकता।
नारी शक्ति को शत् शत् नमन।
शत् शत् नमन——-।


