RKTV NEWS/मोतिहारी ( पूर्वी चंपारण)06 मार्च।लोकसभा आम निर्वाचन 2024 को स्वच्छ, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने को लेकर मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में मंगलवार को सभी प्रतिनियुक्ति सेक्टर पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी को उनके कार्य एवं दायित्व का प्रशिक्षण जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति में दिया गया। लोकसभा निर्वाचन को लेकर जिला में कुल 3496 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इसके लिए कुल 392 सेक्टर पदाधिकारी और 392 पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सेक्टर पदाधिकारी निर्वाचन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। उन्हें अपने कार्यों का अच्छी से जानकारी प्राप्त करनी होती है।यह प्रशिक्षण इसी उद्देश्य से रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सेक्टर पदाधिकारी को ईवीएम की पूर्ण जानकारी रखनी चाहिए। प्रत्येक सेक्टर को जिम्मे 8 से 10 मतदान केंद्र आवंटित किए गए हैं। डीएम ने कहा कि सभी सेक्टर पदाधिकारी आवंटित मतदान केंद्रों का भ्रमण कर भौतिक सत्यापन कर लेंगे और वहां सभी जरूरी मूलभूत सुविधाओं यथा- बिजली, पेयजल,शौचालय, रैंप, मतदान केंद्र का नाम और संख्या लिखा हुआ हो, साइनेज लगा हुआ हो, वह देख लेंगे।
इस तरह मतदान केंद्र का सत्यापन, मतदाता जागरूकता, संचार योजना, मतदाता पर्ची का वितरण, सुगम एवं भय मुक्त चुनाव करना, भेद्यता मैपिंग, आदर्श आचार संहिता, खराब ईवीएम को बदलना जैसे महत्वपूर्ण कार्य सेक्टर पदाधिकारी को ही करना होता है इसलिए ईवीएम की बारीक जानकारी लेकर पारंगत बने।सेक्टर पदाधिकारी को चुनाव की तिथि से 5 दिन पहले मतदाता पर्ची का वितरण सुनिश्चित करना होता है। भेद्यता के विषय में बताया गया कि धमकी या भया दोहन के प्रति भेद्य मतदाताओं या मतदाता वर्गों की पहचान करना तथा भेद्यता उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी सूची बनाना भी एक महत्वपूर्ण कार्य है। सूची बनाते समय भौतिक सत्यापन को ही आधार बनाया जाए। यह कार्य पहले की बनी सूची के आधार पर नही बनाई जाए। डीएम ने कहा कि इसी प्रतिवेदन के आधार पर बंध पत्र भरवाने, 107, 110 या सीसीए की कार्रवाई की जाती है। डीएम ने कहा कि अप्राधिकृत प्रचार वाहनों की आवाजाही, संपत्ति का विरूपण,अनाधिकृत रूप से प्रचार, सार्वजनिक या सरकारी भवन का दुरुपयोग के साथ-साथ आदर्श आचार संहिता के सभी संभव उल्लंघनों पर बारीक नजर रखना सेक्टर पदाधिकारियों का सबसे महत्वपूर्ण दायित्व है। आदर्श आचार संहिता के प्रभावी होने के साथ ही सभी सेक्टर पदाधिकारी जरूरी कदम उठाएंगे और यह देख लेंगे कि मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे में किसी राजनीतिक दल या किसी प्रत्यासी का कार्यालय नहीं खुला हो। राजनीतिक दलों के द्वारा प्रचार प्रसार प्राधिकृत वाहनों से ही हो यह सुनिश्चित करेंगे। सभी सेक्टर पदाधिकारी संवेदनशील टोला या पॉकेट की पहचान करेंगे। महादलित टोले का लगातार भ्रमण करेंगे और लोगों से मिलकर डराने धमकाने संबंधी जानकारी प्राप्त करेंगे। सेक्टर पदाधिकारी अपना कार्य बिल्कुल गोपनीय तरीके से करेंगे और इसे शेयर नहीं करेंगे।जिलाधिकारी ने कहा कि मतदान की तिथि के तीन दिन पहले सेक्टर पदाधिकारी ही विशेष शक्ति युक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट बनेंगे।
