सारण /छपरा 19 फरवरी।नंदलाल सिंह महाविद्यालय जैतपुर, दाउदपुर ,सारण (जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, बिहार) के सभागार में आज प्राचार्य प्रोफेसर डॉक्टर कृष्ण प्रसाद श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विकसित भारत अभियान के तहत दो सत्रों में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया ।प्रथम सत्र में ग्रामीण परिवेश एवं विकसित भारत @ 2047 विषय पर बोलते हुए प्राचार्य ने बच्चों को आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश से आने वाले आप बच्चों के अंदर प्रतिभा की कमी नहीं है,आप अपने कौशल को विकसित करें जिसमें राष्ट्र हित भी निहित है। प्रोफेसर डॉ अफताब आलम ने भारतीय अर्थव्यवस्था को दर्शाते हुए स्वयं को विकसित करने की बात कहीं। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ चन्द्रभान राम ने कहा कि विकसित भारत के विजन को पूरा करने के लिए हमें कृत संकल्प होना पड़ेगा। खासतौर पर युवाओं को जो देश के कर्णधार हैं ,उन्हीं के कंधों पर विकसित भारत का लक्ष्य शिरोधार्य है। युवा वह शक्ति है जिसके बल पर हम इस विजन को 2047 तक पूरा कर सकते हैं।डॉ रूबी चंद्रा ने बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की सीख दी।आपके स्वयं के विकास से ही यह मिशन पूरा होगा। डॉ संजय कुमार ने ग्रामीण परिवेश से आने वाले बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की तथा उन्हें विकसित भारत अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया डॉ स्वर्गदीप शर्मा ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए युवाओं का आह्वान किया ।हमें बढ़-चढ़ कर विकसित भारत के हर क्षेत्र को सफल बनाना है ।
डॉ प्रवीण पंकज ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि हम प्रधानमंत्री के मिशन को आत्मसात करते हुए 2047 में इसे निश्चित पूरा करेंगे। डॉ आशीष कुमार ने कहा कि हर परिस्थिति से लड़ते हुए अपने विजन को पूरा करना है। डॉ शेखर कुमार ने कहा कि शिक्षा स्वास्थ्य पर्यावरण परिदृश्य को मानव अनुकूल बनाना है अगर विकसित भारत के मिशन को पूरा करना है तो हमें हर क्षेत्र में बाढ़-चढ़ करके अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी डॉ उपेंद्र कुमार डॉक्टर, इंदु कुमारी ,डॉ मनोज कुमार ,डॉ राकेश रंजन डॉ रमेश कुमार, डॉ आशीष प्रताप सिंह ने अपने अपने- अपने विचारों को व्यक्त किया ।बच्चों में विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने का एक जज्बा पैदा किया। उपस्थित विद्वान प्राध्यापकों में डॉ श्री भगवान ठाकुर, डॉ राकेश कुमार ,डॉ जीडी राठौर ने भी अपने विचार रखें। द्वितीय सत्र में छात्र- छात्राओं ने आत्मनिर्भरता और विकसित भारत@2047 पर निबन्ध, भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेकर विकसित भारत के विजन को आत्मसात किया। महाविद्यालय परिवार के संजय कुमार, आलोक कुमार सिंह, दुर्योधन कुमार, राजकुमार थे। भाग लेने वाले बच्चों में राहुल प्रसाद, प्रियंका कुमारी, सपना कुमारी ,स्वाति सिंह, काजल कुमारी, रानी कुमारी, अनुराधा कुमारी एवं लगभग दो दर्जन बच्चों ने इस आयोजन में भाग लिया। सभागार बच्चों की उपस्थिति से चिरस्मरणीय बना था।

