
जरुरी तो नहीं..!
याचक यूँ तो कभी अमीर नहीं बना।
माँगने से यूँ कभी तक़दीर नहीं बना।
जो पुरुषार्थ करते है अपने बल पर।
बाधा राहो का कभी चट्टान नहीं बना।
रोते रहने से कभी मुक्कदर नहीं बना।
झूक जाने से कभी आसमान नहीं गिरा।
क्या गिड़गिड़ना बेवजह किसीके सामने।
हौसला कर आगे तो बढ़ वक्त नहीं रुका।
छोड़ गए गर्दिश मे तो कोई बात नहीं।
यें दस्तूर जमाना का तू समझ अजय।
बढो हारने ना दो हिम्मत तूँ हरगिज।
ऐसा कोई भंवर नहीं जो थमा नहीं।
प्यार के बदले प्यार मिले जरूरी तो नहीं।
बेवफा होना भी शायद कोई मजबुरी होगी।
यूँ ढ़ल जाती है चाँदनी याद में चकोर का।
चाहत भी चकोर का ना हो जरूरी तो नहीं।
बेबसी बेकशी जो देखी है आँखों में।
वेवफा हरगिज यूँ तो कह नहीं सकता।
कभी बेपहनाह मुहब्बत थे करने वाले।
यूँ ही बेवफा हो जाए कोई जरुरी तो नहीं।

