बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ‘इनसे मिलिए’ कार्यक्रम में राज्य के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने रखी अपनी बात।
पटना/बिहार 18 जनवरी।‘आगे बढ़ने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। कोई भी देश या समाज बगैर अच्छी शिक्षा के तरक्की हासिल नहीं कर सकता।’ राज्य के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने उक्त बातें 18 जनवरी को सरदार पटेल भवन स्थित बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सभाकक्ष में आयोजित ‘इनसे मिलिए’ कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर शिक्षाविद् और ज्ञान निकेतन गर्ल्स स्कूल की संचालिका शांभवी ने भी बड़े सधे हुए शब्दों में अपनी बात रखी। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ उदय कांत, सदस्य पारसनाथ राय, मनीष कुमार वर्मा, कौशल किशोर मिश्र और सचिव मीनेंद्र कुमार (भा.प्र.से.) ने करतल ध्वनि के बीच मंत्री का आत्मीय स्वागत किया। उपाध्यक्ष और सदस्यों ने मुख्य अतिथि को प्राधिकरण की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया। प्राधिकरण की ओर से आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीक के प्रयोग की जानकारी उन्हें दी गई।
एआर/वीआर तकनीक के जरिए आपदा जागरूकता संदेशों के प्रसार और आपदा पूर्व चेतावनी हेतु आईआईटी पटना द्वारा विकसित किए जा रहे उन्नत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के बारे में मंत्री को बताया गया। प्राधिकरण के सभी कर्मचारी, पदाधिकारी और प्रोफेशनल्स इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अपने संबोधन में श्री चौधरी ने कहा कि मुझे यहां आप लोगों ने बुलाया, यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है। समाज में अमूमन राजनेताओं को कोई सुनना नहीं चाहता। नेता है, तो खराब ही है, यह आमफहम धारणा हिंदी फिल्मों से बनी है जबकि समाज में और हर पेशे में अच्छे लोग भी हैं, बुरे लोग भी हैं।
राज्य के माननीय मुख्यमंत्री सह प्राधिकरण के माननीय अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार के विजनरी नेतृत्व की सराहना करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि विकास ने किस तेजी से रफ्तार पकड़ी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज बिहार का वार्षिक बजट 2,66,000 करोड़ रुपए से अधिक का हो चुका है। गरीबों, दलितों, पिछड़ों के बच्चों को उन्होंने मुख्यधारा से जोड़ा। बिहार देश का इकलौता राज्य है, जहां 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई बच्चे कर रहे हैं। 21वीं सदी के बेहतर बिहार की परिकल्पना और सपने को साकार करने के लिए हमारे नेता दिन-रात काम कर रहे हैं। सात निश्चय पार्ट-1 और पार्ट-2 की विस्तृत चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि माननीय नीतीश कुमार ने बिहार में विकास की एक लंबी लकीर खींच दी है। बिहार अब रुकने वाला नहीं है। बिहार दौड़ चला है।
अपने पिता और कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे नौ बार के विधायक, पूर्व मंत्री स्व. महावीर चौधरी का स्मरण करते हुए उन्होंने बताया कि वह शिक्षा पर बहुत जोर देते थे। हमारे परिवार में सभी भाई ऊंचे ओहदे पर हैं और यह सब उच्च शिक्षा और अच्छी शिक्षा की बदौलत ही हुआ है। मंत्री ने खुद भी पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री के साथ-साथ पीएचडी की उपाधि हासिल कर रखी है। श्री चौधरी ने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनुरोध किया। कहा कि अपने बच्चों के लिए तमाम व्यस्तताओं के बावजूद समय निकालिए।
अपने राजनीतिक जीवन की चर्चा करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि मेरे पिताजी नहीं चाहते थे कि उनका कोई लड़का राजनीति में आए। लेकिन मैं दसवीं कक्षा के बाद से ही राजनीति में आने का सपना देखने लगा था। पिताजी की नजरों में पढ़ाई में सबसे कमजोर मैं ही था। ऐसे में उनकी राजनीतिक विरासत संभालने का मौका मुझे ही मिला। वर्ष 2000 में पहली बार मैंने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बिहार सरकार में मंत्री भी बना।
श्री चौधरी ने कहा कि अगर आप ईमानदारी, सत्य और निष्ठा के साथ किसी कार्य में लगते हैं, तो आपको कोई डिगा नहीं सकता। आपकी कभी पराजय नहीं हो सकती। वर्ष-2000 के शुरुआती वर्षों में मेरे राजनीतिक विरोधियों ने मुझे हर तरह से घेरने की कोशिश की। मुझ पर हत्या जैसे गंभीर अपराध के झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए। अंततः सत्य की जीत हुई और मैं इस दुष्चक्र से बाहर निकल पाया।
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बिहार में किए जा रहे कार्यों के लिए प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि प्राधिकरण आज जिस ऊंचाई पर है, यह भी माननीय श्री नीतीश कुमार जी की ही देन है। आपदा प्रबंधन की अवधारणा ही श्री नीतीश कुमार पहली बार देश में लेकर आए। आपदा पूर्व चेतावनी के लिए आईआईटी, पटना के सहयोग से प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की उन्होंने भूरि-भूरि प्रशंसा की।

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ‘इनसे मिलिए’ कार्यक्रम में राज्य के भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने रखी अपनी बात।