आरा/भोजपुर 15 जनवरी। बड़हरा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्यासी सह जन अधिकार पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ बिहार प्रदेश अध्यक्ष रघुपति यादव ने मकर संक्रान्ति पर्व के अवसर पर अपने पैतृक निवास सदर प्रखंड के पिरौटा में रविवार को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बृहत पैमाने पर दही चूड़ा भोज का आयोजन किया।जिसमे क्षेत्र के हर जाति धर्म और वर्ग के हजारों लोगो ने शिरकत कर अपनी संस्कृति और एकता का परिचय दिया।
पूर्व बड़हरा विधानसभा प्रत्यासी रघुपति यादव ने इस दौरान बताया की यह भोज हर वर्ष मेरे निवास पर किया जाता है जिसमे क्षेत्र के हर जाति धर्म और वर्ग के लोगो का आना हमारी एकता और संस्कृति का परिचायक बनता है।
बढ़ जाता है सूर्यदेव का वेग और प्रभाव
रघुपति यादव ने पौराणिक कथाओं का जिक्र करते हुए बताया की पौराणिक कथाओं में कहा जाता है की इस दिन ही सूर्य देव के रथ से खीर निकल जाते है फिर सातों घोड़े सूर्य देव के रथ से जुड़ जाते है जिससे सूर्य देव का वेग और प्रभाव बढ़ जाता है इसीलिए इसी दिन से शुभ कार्य शुरू हो जाते है।दूसरी पौराणिक कथा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया की महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिये मकर संक्रांति का ही चयन किया था।साथ ही मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होती हुई सागर में जाकर मिली थीं।रघुपति यादव ने कहा की पौराणिक कथाओं में इस दिन का काफी महत्व है। उन्होंने मकर संक्रान्ति पर्व की बधाई देते हुए अपने संदेश में कहा की ऐसे सकारात्मक और पवित्र दिन को हम सभी को उल्लास और आपसी प्रेम के साथ मनाना चाहिए।
सूर्य की किरणों में नही होता भेद
रघुपति यादव ने एक सकारात्मक सामाजिक संदेश देते हुए कहा की सूर्य देव की किरणे हर मानव जाति पर समान रूप से पड़ती है इन किरणों में कोई भेद नहीं होता। उन्होंने आज की जातीय और वर्गीय राजनीति पर क्षोभ जाहिर करते हुए कहा की राजनीति एक बहुत ही महत्वपूर्ण और जनता की जिम्मेवारी वाली श्रेणी में आती है जहां आम और खास जनता की समस्याओं का निवारण करने का दायित्व होता है लेकिन आज के गिरते राजनीतिक स्तर से इस राजनीति शब्द की गरिमा धूमिल हो रही है जहां राजनेता लोगो की समस्याओं से इतर उनको धर्मो और वर्गो में बाट लोगो की समस्याओं के समाधान के नाम पर सिर्फ और सिर्फ अपनी रोटियां सेंक रहे है।
आत्मिक भोज…. राजनीति से कोई वास्ता नहीं
राजनीति को लेकर भोज के आयोजन के जवाब में रघुपति यादव ने कहा की यह एक आत्मिक भोज है इसका राजनीति से कोई वास्ता नहीं है। वही इस सवाल के जवाब में पिरौटा पंचायत के पूर्व मुखिया विजय यादव ने कहा की इस भोज का आयोजन कई वर्षों से हमारे परिवार के द्वारा किया जा रहा है जिसमे हर जाति धर्म और हर वर्ग के धनी और निर्धन लोगों की एकता इस भोज में देखने को मिलती है। यह भोज हमारी सामाजिक दायित्वों को भी प्रदर्शित करती है की कही हम समाज से दूर तो नही हो रहे साथ ही यह हमारी सामाजिक सोच और समाज के प्रति मानवीय कर्तव्यों के निर्वहन करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है जो इस आयोजन में शरीक हुई जनता से साफ प्रदर्शित होता है और हमारी मानवीय मूल्यों को प्रमाणित करता है।
बच्चों को संस्कृति का ज्ञान और इससे जोड़ना हमारा दायित्व
मकर संक्रान्ति पर्व के उपलक्ष्य पर आयोजित दही चूड़े की भोज में बच्चों की संख्या भी बहुतायत दिखी जिसपर रघुपति यादव ने कहा की बच्चों के सर्वांगीण सांस्कृतिक और चारित्रिक निर्माण के लिए उन्हें देश की संस्कृति और सभ्यता से अवगत कराना यह हम सभी का कर्तव्य भी है और दायित्व भी क्योंकि यही मासूम हमारे क्षेत्र सहित देश के विकास की नीव है चाहे वो किसी भी जाति या धर्म से हो भारत की संस्कृति और परंपरा से उन्हे अवगत होने की जरूरत है जो हम करते है इन्हे इस दिन के महत्व और सकारात्मक सोच के साथ शिक्षा के महत्वों को समझाते हुए इन्हें प्रेरित करने का माध्यम है ताकि एक बेहतर भविष्य का निर्माण हो सकें।
इस आयोजित सामाजिक भोज में हजारों क्षेत्रीय जनता के साथ साथ मुख्य रूप से सीने कलाकार और गायक हरी ओम यादव,पप्पू यादव,संजय यादव,अखिलेश यादव,सुभाष यादव,मनोज पांडे,धर्मेंद्र पांडे,मोहम्मद परवेज इमाम जैनुल हक, मोहम्मद इकबाल ,मोहम्मद असलम मोहम्मद गुलाम,प्रकाश राम,छोटू राम,विजय राम,नागेंद्र राम,उमाशंकर राम ,कमलेश कुमार,विकास कुमार,सत्येंद्र कुमार,कामेश्वर राय,नंद किशोर यादव, पमपम यादव,अजीत यादव शामिल थे।

