आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)06 जनवरी।रक्त संग्रह के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सुदूर शहर और देहाती क्षेत्र में सुरक्षित रक्तदान करने, रक्तदान दाताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस सोसायटी के माध्यम से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सह बिहार ब्लड बैंक के प्रांतीय अध्यक्ष डॉक्टर बीबी सिंहा के सौजन्य से तथा भोजपुर रेड क्रॉस सोसायटी की सचिव डा विभा कुमारी के पहल पर बिहार में मात्र दो बस मिले जिसमें पहला बस भोजपुर रेड क्रॉस सोसायटी को मिला। बस में रक्तदान के लिए तीन बेड, एसी ,जनरेटर,जांच के उपकरण,कंप्यूटराइज,कांउसलिंग के लिए चिकित्सक का केविन, आधुनिक सारी सुविधा संपन्न, कीमत लगभग डेढ़ करोड़ है। बस उपलब्ध होने के उपरांत प्रेसिडेंट सह जिला पदाधिकारी भोजपुर राजकुमार द्वारा सचिव को बस की चाभी हस्तगत की गई जुलाई 2022 को यह बस भोजपुर रेड क्रॉस सोसाइटी के अधीन आ गई। रजिस्ट्रेशन और रोड परमिट के बाद बस भोजपुर समाहरणालय ,आरा सर्किट हाउस ,सिविल सर्जन भोजपुर के कैंपस आदि जगह पर इधर-उधर रही जिससे राहते काफी हुई। उसके बाद कई बार चूहा नेवला आदि उसके अंदर घुसकर तार को या अन्य सामानों को काटकर बर्बाद करते रहे उससे भी गड़बड़ी थी। जब रक्तदान के लिए बस निकाली जाती थी तो कभी स्टार्ट नहीं होती थी,तो कभी एसी का प्रॉब्लम ,तो कभी जेनरेटर की समस्या। लगातार समिति के अधिकारी से लेकर सदस्य तक समाधान खोजते रहे और लगभग डेढ़ साल तक रोड़ पर रहा और हजारों रुपए ठीक करने में लगे।
अंततः समिति के सदस्यों द्वारा सोसायटी कार्यालय में सबसे सुरक्षित स्थान और रक्तदान के लिए उपयोगी माना।पदाधिकारी एवं वरिष्ठ सदस्यों की राय से जमीन के लेवल को तीन इंच नीचे करने से बस कैंपस में रहने लायक बनवा लिया गया। सचिव के नेतृत्व में सारा कार्य चल रहा है और कैंपस में बस रखने के लिए स्थाई व्यवस्था हो गई।
वरीय सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक शर्मा ने हो रहे कार्य पर खुशी व्यक्त की और कहा कि अपने कैंपस में सबों के सामने और जिस उद्देश्य से बस आई है वह काम शत प्रतिशत सही होगा। इसलिए हमें बहुत खुशी है कि नव वर्ष में कैंपस में बस रहने लायक बनाया जा रहा है।श्री शर्मा ने बताया कि सिविल सर्जन केंपस में रखने के लिए कई बार प्रयास किया गया रखा भी गया लेकिन चूहा का प्रभाव और देखरेख में लापरवाही से बस को काफी क्षति पहुंची।एक साल से ज्यादा समय के बाद यह समिति का निर्णय काफी सराहनीय है। इसके लिए सभी वरीय सदस्यों को साधुवाद करता हूं।

