सूरत/गुजरात 31 दिसंबर।शहीद नायकों, सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के परिवारों के साथ-साथ उनके आश्रितों के हितों को सुनिश्चित करना राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है, जिनका अतुल बलिदान, प्रतिबद्धता और देशभक्ति एक सुरक्षित और समृद्ध भारत का मूल है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 30 दिसंबर, 2023 को गुजरात के सूरत में एक गैर सरकारी संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में शहीद नायकों की वीरता और बलिदान का सम्मान करने और उनके परिवारों को सहयोग प्रदान करने के लिए कहा।
इन वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए,राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्र हमेशा मातृभूमि की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने वाले वीर सैनिकों का ऋणी रहेगा। उन्होंने सरकार के ‘भारत पहले, सुरक्षा पहले’ दृष्टिकोण के अनुरूप, अपने कर्तव्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए सशस्त्र बलों के जवानों की प्रशंसा की और कहा कि राष्ट्रवासी राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने में सक्षम हैं क्योंकि वे जानते हैं कि देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। उन्होंने सैनिकों के परिवार के सदस्यों का “इन हीरों को जिनकी चमक पूरे देश को रोशन करती है” उत्पन्न करने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
रक्षा मंत्री ने हीरे को तैयार करने की प्रक्रिया और युवाओं को असाधारण सैनिकों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया के बीच समानताएं बताई। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे कि बहुत अधिक तापमान और दबाव कार्बन परमाणुओं को हीरे में परिवर्तित कर देता है, उसी तरह जिन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सैनिक देश की सेवा करते हैं, वे सामान्य युवाओं को हीरे के रूप में परिवर्तित कर देते हैं। तब यह हीरे अपनी चमक से हमें अंधेरेपन से बचाते हैं’’।
राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर व्यापारिक नेतृत्व को प्रोत्साहित करते हुए व्यक्तिगत हित से अधिक राष्ट्र निर्माण को प्राथमिकता देने के लिए कहा और इस बात पर बल दिया कि धन को एक साधन के रूप में देखा जाना चाहिए न कि जीवन के परम लक्ष्य के रूप में। उन्होंने गुजरात के ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्र की प्रगति में इसकी भूमिका के बारे में भी कहा। उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात विशिष्ट हस्तियों की जन्मस्थली है जैसे कि कवि नरसिंह मेहता, जिन्होंने अपनी भक्ति और साहित्य के माध्यम से तत्कालीन समाज को एकजुट किया; राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जिनके आदर्शो और सिद्धांतों ने हमारी आजादी को सुनिश्चित किया; भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जिन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत किया; और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की महत्ता को बढ़ाया है और देश को समृद्धि और सुरक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ाया है। अंतिम लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उन अनगिनत सैनिकों की जन्मस्थली भी है जो अपनी जान जोखिम में डालकर हमारी सीमाओं की सुरक्षा का आधार बनते हैं’’।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि सरकार सशस्त्र बलों के साथ है और देश की सुरक्षा को खतरों से बचाने के लिए उन्हें नवीनतम हथियारों के साथ मंच प्रदान कर रही है। उन्होंने राष्ट्र को विश्वास दिलाया कि सेना हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है और देश की सुरक्षा के प्रति दुष्टता को मुंहतोड़ जवाब देगी।

