नई जिंदगी मिली यह सबके दुआओं का फल:शबाह अहमद
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)11 दिसंबर।रेड क्रॉस सोसाइटी भोजपुर जिला इकाई के तत्वावधान ग्राम पेऊर ,सहार भोजपुर जिला निवासी शबाह अहमद के आरा आगमन पर रेड क्रॉस सोसाइटी सभागार में चेयरमैन डॉक्टर विवेकानंद यादव की अध्यक्षता में सम्मानित किया गया। समिति की ओर से इन्हें माला, बुके , साल देकर सुखमय मंगल जीवन की कामना करते हुए बधाई दी गई। इन्हें सम्मानित करने वालों में चेयरमैन डॉक्टर विवेकानंद यादव, पूर्व एमएलसी लाल दास राय, सचिव डॉक्टर विभा कुमारी , पूर्व सचिव डॉक्टर दिनेश प्रसाद सिंहा ,जनाब सरफराज अहमद,डॉक्टर मदन मोहन द्विवेदी, अप्रा प्रबंधक अवधेश पांडेय, रामकुमार सिंह,अजीत मेहता आदि रहे। 18 दिनों की दुरुह जिंदगी को झेलते हुए 41 साथियों के साथ खुली हवा में सांस लेते ही शबाब अहमद ने भगवान को शुक्रिया अदा किया।
इन्होंने कहा की यह सब मालिक की कृपा और आप सबों की दुआ है। शबाह अहमद ने पूरे 18 दिनों की लंबी टनल के भीतर की सारी विषम स्थितियों को विस्तार से रखा। इन्होंने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी स्टेट ब्रांच में 2008 में फर्स्ट एड की ट्रेनिंग ली थी और वो ट्रेनिंग मुझे उस मुसीबत के समय में न केवल मेरे काम आया बल्कि 41 सभी साथियों का हौसला बढ़ाते हुए उनके साथ प्राथमिक समस्याओं को दूर करते हुए प्रेरित करते रहा। लगभग 8 दिनों के बाद से सरकार की ओर से पूर्णत खाना ऑक्सीजन और तमाम सुविधाओं की आपूर्ति होने लगी ।तब आस्वस्थ हो गए थे कि अब हम सबों की जान सुरक्षित है।
हालांकि इन्होंने इस बात के लिए खेद प्रकट किया कि हमारे साथ के सभी सहयोगी जब टनल से बाहर आए तब उनके स्टेट के मुख्यमंत्री से लेकर अनेक सरकारी और गैर सरकारी लोगों ने मुलाकात की और हौसला बढ़ाया लेकिन बिहार से ऐसा कोई हौसला बढ़ाने वाला या कुशल क्षेम पूछने वाला नही आया।
जिसके लिए मन में गलानी बनी हुई है। एक लेबर ऑफिसर आए और नाम पता पूछ कर चले गए।
अपने राज्य सरकार की बातों को भी स्पष्ट करते हुए बताया कि जो सुविधा दूसरे राज्य के टनल से बाहर आए कर्मचारियों को मिली वह यहां ऐसी कोई भी सुविधा न मिली ना किसी प्रकार की घोषणा की गई।राज्य सरकार केवल एयरपोर्ट से पटना और पटना से गांव तक पहुंचाने में इनका योगदान रहा है।पटना एयरपोर्ट पर सुरेंद्र जी मंत्री आये थे इसकी सूचना मिली।आज पूरे परिवार के साथ जिसमें उनकी पत्नी मुशर्रफ जहां, मुकर्रम ,फातिमा, अर्श, लड़का लड़की सभी साथ आए थे।
बताते चले कि यह टनल चार धाम यात्रा की दूरी 40 किलोमीटर की दूरी को 4 किलोमीटर करने के लिए बनाया जा रहा था ढाई किलोमीटर के लगभग दोनों साइड से कार्य पूरे हो गए थे तभी यह बीच में टनल और रुद्र होने की सूचना मिली। यह घटना 12 नवंबर दीपावली के दिन हुई।
कंपनी को दुआ करते हैं की जिन्होंने पूरी मदद,आर्थिक सहयोग मासिक वेतन सब कुछ देते हुए 2 महीने की छुट्टी के साथ नौकरी में आने के लिए छूट है।
उत्तराखंड की सरकार, केंद्र सरकार खासकर प्रधानमंत्री लगातार टनल के पदाधिकारी और जब बात होने लगी तब कर्मचारियों से भी बात कर हौसला बढ़ाने का काम करते रहे स्वयं मॉनिटरिंग करते रहे जो हम सबों के लिए काफी उत्साह वर्धन रहा और यह गौरव की बात है।

नई जिंदगी मिली यह सबके दुआओं का फल:शबाह अहमद