पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 6 दिसंबर। हम एक साल से विपक्षी एकजुटता में लगे हुए हैं। राज्यों के चुनाव में सभी पार्टियाँ अपनी-अपनी जीत के लिए लग जाती हैं, वो अलग चीज है। लेकिन हम चाहते हैं कि आगे से सब एकजुट होकर चुनाव लड़ें। उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतरत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर पटना हाई कोर्ट के निकट उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि अभी हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इस बार भी अच्छा वोट आया है। लेकिन भाजपा जीती है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पहले कांग्रेस की सरकार थी। तेलंगाना में कांग्रेस जीती है। इन सब चीजों पर कोई खास चर्चा की बात नहीं है। हम तो यही चाहते हैं कि बहुत तेजी से विपक्ष एकजुट हो और आगामी लोकसभा चुनाव में सभी एकजुट होकर चुनाव लड़ें। उन्होंने कहा की खबर चल रही थी कि “इंडिया” गठबंधन की बैठक में हम नहीं जा रहे हैं जबकि ऐसी कोई बात नहीं है। मेरी तबीयत खराब थी। मुझे सर्दी, खांसी तथा बुखार लगा हुआ था। अगली मीटिंग होगी तो हम फिर कहेंगे कि अब देर नहीं कीजिए। आपस में बैठकर सब कुछ जल्दी से तय कर लीजिए। हम पिछले एक साल से विपक्षी एकजुटता में लगे हुए हैं।
“इंडिया” गठबंधन का नेतृत्व करने के संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री पद को लेकर मेरे बारे में अक्सर खबरें आती हैं। लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। हम केवल चाहते हैं कि विपक्ष एकजुट हो और अभी जो पार्टी केंद्र मे सत्ता मे है, उसके खिलाफ चुनाव लड़े। वे लोग देश के इतिहास को बदलने में लगे हुए हैं। नई पीढ़ी को आजादी की लड़ाई को याद रखना चाहिए। मुझे व्यक्तिगत रूप से कुछ नहीं चाहिए। हम पहले से ही लोगों की सेवा करते आ रहे हैं। हम लोग आंदोलन भी किये हैं। हम राज्य के हित में अपने काम में लगे रहते हैं। हम लोग तेजी से युवाओं को रोजगार देने में लगे हुए हैं। देश हित में सभी विपक्षी पार्टियाँ एकजुट हों। हम लोगों ने जाति आधारित गणना कराया। सिर्फ जातिगत गणना ही नहीं कराई बल्कि हर परिवार की आर्थिक स्थिति का भी पता लगाया। हिंदू, मुस्लिम, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा, अति पिछड़ा वर्ग, अपर कास्ट किसी भी जाति या वर्ग का हो, सबका पता लगवाया। हर जाति में गरीबी है। अपर कास्ट में भी कितनी गरीबी है, इसका पता चला। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जातिगत जनगणना होती तो सबको काफी फायदा होता।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की गरीबी को देखते हुए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए। बिहार काफी पौराणिक जगह है। देश में और देश के बाहर जो कुछ भी था, सब कुछ बिहार से ही शुरू हुआ था। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलेगा तो बिहार बहुत आगे बढ़ेगा। बिहार के लोग दूसरी जगहों पर जाकर काफी सेवा करते हैं। बिहार के लोग कहीं कोई गड़बड़ी नहीं करते हैं और काफी अच्छा काम करते हैं। सेवा में लगे रहते हैं। बिहार के लोगों का स्वभाव बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा कि आप पत्रकारों का भी स्वभाव बहुत अच्छा है लेकिन दिल्ली वाले आप लोगों पर कब्जा किए हुए हैं। हम सब की इज्जत करते हैं। यही हमारी परंपरा है।

