RK TV News
खबरें
Breaking Newsमनोरंजन

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने 54वें आईएफएफआई में मनमोहक ‘इन कन्वर्सेशन’ सत्र आयोजित किया।

पणजी/ गोवा 22 नवंबर।राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता भारतीय फिल्म निर्माता, पटकथा लेखक और निर्माता मधुर भंडारकर ने आज कला अकादमी गोवा में 54वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के हिस्से के रूप में एक आकर्षक ‘इन कन्वर्सेशन’ सत्र का आयोजन किया। फिल्म समीक्षक और विश्लेषक, तरण आदर्श के साथ एक दिलचस्प बातचीत में, समीक्षकों द्वारा प्रशंसित निर्देशक ने सिनेमा की कला, फिल्म निर्माण की बारीकियों और कहानी कहने को आकार देने वाली चुनौतियों व प्रेरणाओं पर व्यावहारिक सिनेमाई विचार विमर्श-प्रस्तुत किया।
अपनी विशिष्ट फिल्मों के लिए प्रसिद्ध भंडारकर ने प्रामाणिक कहानी कहने के सार और सिनेमाई निर्माण की पेचीदगियों पर प्रकाश डालते हुए, अनेक अवधारणात्मक अंतर्दृष्टि साझा की।
उनके संवाद के केंद्र में यथार्थवाद और सिनेमा के बीच तालमेल पर जोर दिया गया। भंडारकर ने कहा, “एक फिल्म एक विचार से उत्पन्न होती है। सिनेमाई परिदृश्य में यथार्थवादी सिनेमा का महत्वपूर्ण स्थान है। यथार्थवादी फिल्मों में कलात्मक और व्यावसायिक रूप से प्रभावशाली होने के द्वंद्व को पार करते हुए, दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ने की शक्ति होती है।”
फिल्म निर्माण में अनुसंधान की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, भंडारकर ने इसे अपने शिल्प की आधारशिला के रूप में चिन्हित किया। उन्होंने जोर देकर कहा, “अनुसंधान फिल्म निर्माण की यूएसपी है। यह वह आधार है जो कहानी कहने की कला को समृद्ध करता है, कहानी को गहराई और प्रामाणिकता देता है।”
फिल्म निर्माताओं के सामने आने वाली चुनौतियों, विशेष रूप से वित्त और रचनात्मक स्वतंत्रता से संबंधित चुनौतियों के बारे में चर्चा करते हुए, भंडारकर ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया, “बॉक्स ऑफिस की सफलता के लिए कोई सिद्धांत नहीं है। वित्त और कंटेंट की स्वतंत्रता विकट चुनौतियां खड़ी करती हैं। हालांकि, महत्वाकांक्षी फिल्म निर्माताओं को दृढ़ विश्वास के साथ बने रहना चाहिए।”
फिल्म निर्माण की जीवंत प्रकृति पर जोर देते हुए, भंडारकर ने इस धारणा का समर्थन किया कि विफलता रचनात्मक प्रक्रिया का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा, “फिल्म निर्माण एक ऐसी जीवंत यात्रा है जहां असफलता सफलता की ओर कदम बढ़ाने के लिए आधार तैयार करती है। बेहतर कंटेंट तैयार करने में यह अपरिहार्य है।”
नवोदित फिल्म निर्माताओं को अमूल्य सलाह देते हुए, भंडारकर ने दृढ़ विश्वास और आत्म-विश्वास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सलाह दी, “फिल्म निर्माण में रचनात्मक संतुष्टि अटूट विश्वास की मांग करती है। यह आसान रास्ता नहीं है, लेकिन स्क्रिप्ट और खुद पर विश्वास करना सर्वोपरि है।”
प्रशंसित निर्देशक ने अपनी प्रेरणा के स्रोत के बारे में बताते हुए कहा, “मुझे अपनी फिल्मों के लिए समाज से प्रेरणा मिलती है। समाज की नब्ज को समझने की वजह से उन कहानियों को बढ़ावा मिलता है जिन्हें मैं स्क्रीन पर लाता हूं।”
अंत में, भंडारकर ने प्रभावशाली सिनेमा के निर्माण में आकर्षक पटकथा की अपरिहार्य भूमिका पर जोर दिया। सिनेमाई प्रतिभा के सार को समाहित करते हुए उन्होंने पुष्टि की, “एक आकर्षक पटकथा एक अच्छी फिल्म की जान है।”

Related posts

वाराणसी:किसी भी धर्म, सम्प्रदाय के आस्था के केन्द्र बिन्दु मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च में अतिक्रमण ठीक नहीं:इंद्रजीत तिवारी निर्भीक

rktvnews

भोजपुर:जनगणना-2027 : जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का सप्ताहव्यापी प्रशिक्षण संपन्न।

rktvnews

29 मार्च 23 दैनिक पञ्चांग- ज्योतिषाचार्य संतोष पाठक

rktvnews

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिजोरम के आइजोल में 9,000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया।

rktvnews

मुख्यमंत्री आवास को उड़ाने की धमकी देने वाला हुआ सुरत से गिरफ्तार ।

rktvnews

शिक्षा विभाग अन्तर्गत सभी योजनाओं (कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय सहित) से संबंधित समीक्षात्मक बैठक संपन्न।

rktvnews

Leave a Comment