पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 29 अक्टूबर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने होटल मौर्या में कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के बिहार इकाई के दो दिवसीय 29वें वार्षिक सम्मेलन का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से हृदय रोग विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आज कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया की बिहार शाखा के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में मुझे आने का सौभाग्य मिला है, यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। मुझे इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है, इसके लिए आयोजकों को धन्यवाद देता हूँ। देश विदेश से चिकित्सक आये हुए हैं और वे इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, यह बहुत खुशी की बात है। हम लोगों ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत काम किया है। हृदय रोग के इलाज के लिए अच्छी और विशेष व्यवस्था की गई है। पहले इस पर कोई ध्यान नहीं देता था। पहले सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए नाम मात्र के लोग जाते थे। लेकिन अब प्रखंड स्तर पर भी इलाज की बेहतर व्यवस्था हो जाने से काफी लोग सरकारी अस्पतालों में अपना इलाज करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) का पहले बहुत बुरा हाल था।
एक बार जब मैं सांसद था तो मेरी माॅ की तबीयत खराब हो गई थी और तब मैं माॅ को लेकर आईजीआईसी आया था। वहाॅ पर बहुत हल्ला हो रहा था और सफाई आदि की भी अच्छी व्यवस्था नहीं थी। बाद में जब हम लोगों की सरकार बनी तो मैंने सबसे पहले वहाॅ की व्यवस्था को दुरुस्त करवाया। जब भी मुझे कहीं कोई कमी दिखाई पड़ती है तो उसे मैं ठीक करवाता हूँ।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि अब पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) को भी बड़ा और अच्छा बनाया जा रहा है। पीएमसीएच को 5462 बेड का अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल बनाया जा रहा है ताकि गरीबों का इलाज और बेहतर ढंग से हो सके। इस अस्पताल का पहले से काफी नाम है। यहां से पढ़े हुए लोग चिकित्सा के क्षेत्र में देश-विदेश में नाम कर रहे हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में तथा देश के बाहर भी जब मैं कहीं जाता हूॅ तो यहाँ से पढे हुए कई डॉक्टर मिल जाते हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार में आए तो आईजीएमएस को भी बेहतर बनवाया। वहाँ की व्यवस्था को ठीक किया गया। सात निश्चय – 2 में बाल हृदय योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत जन्म से हृदय में छेद वाले बच्चों का नि:शुल्क इलाज करवाया जाता है। अहमदाबाद स्थित सत्य साईं अस्पताल से करार किया गया है जहाॅ ऐसे बच्चों का इलाज होता है। हम लोगो ने ऐसे बच्चों के इलाज के लिए वहाॅ भेजने एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था कराई। अब तक 794 बच्चों का इलाज हो चुका है। पटना में ही अब इसके इलाज की व्यवस्था कराई गई है। आईजीआईसी में 198 बच्चों का और आईजीआईएमएस में 24 बच्चों का इलाज हो चुका है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले राज्य में 6 मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल थे जो अब बढ़कर 13 हो गए हैं। कई अस्पतालों का और विस्तार किया जा रहा है। आईजीआईएमएस पटना में 2500, एनएमसीएच पटना में 2500, एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में 2500, ए एन एम सी एच गया में 2500 तथा डीएमसीएच दरभंगा में 2500 बेड का विस्तार किया जा रहा है। राजवंशी नगर अस्पताल को हड्डी रोग के इलाज का विशिष्ट अस्पताल बनाया गया है जिसका नामकरण हमने लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल किया है। ऑख के लिए राजेंद्र नगर अस्पताल को विशिष्ट अस्पताल बनाया गया है।
डायबिटीज के लिए न्यू गार्डिनर अस्पताल को विशिष्ट अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। गरीब-गुरबों के इलाज के लिए भी सरकारी मदद की जा रही है। आईजीआईएमएस में रोगियों के लिए मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का हम शुरू से सम्मान करते हैं। लोगों के हित में हम हमेशा काम करते हैं। हमारे कामों की चर्चा नहीं की जाती है। केवल केंद्र के कार्यों की चर्चा होती है। आप लोगों ने मुझे इस कार्यक्रम में बुलाया, इसके लिए मैं आप सबको धन्यवाद देता हूँ। आप लोग इसी तरह से बेहतर तरीके से लोगों का इलाज करते रहें, यही आपसे हमारा आग्रह है। उन्होंने कहा कि हमारे तरफ से जो भी सहयोग और सहायता की जरूरत होगी, हम करते रहेंगे।
कार्यक्रम के दौरान आईजीआईसी के निदेशक डॉ सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अंग वस्त्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री एवं मंच पर विराजमान विशिष्ट अतिथियों ने “कार्डिकाॅन – 2023” स्मारिका का विमोचन किया।
कार्यक्रम को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बंक, आईजीआईसी के निदेशक डॉ सुनील कुमार, आईजीआईसी के संयुक्त निदेशक डॉ के के वरुण, सीएसआई बिहार शाखा के अध्यक्ष डॉ अरविंद कुमार, आईजीआईएमएस के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह, अपर पुलिस महानिदेशक पुलिस मुख्यालय जीएस गंगवार, डॉ अनिल ठाकुर, डॉ अनूप सिंह, डॉ यूएन सिंह, मेदांता अस्पताल पटना के निदेशक डॉ रवि शंकर सिंह, डॉ एच एन दिवाकर और देश के विभिन्न राज्यों से आए हुए हृदय रोग चिकित्सक गण सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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