
आरा/भोजपुर (राकेश मंगल सिंहा) 19 अक्टूबर। मध्य विद्यालय मीरगंज आरा के सेवानिवृत प्रभारी प्रधानाध्यापक जगत नारायण सिंह ने निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, बिहार पटना को ईमेल द्वारा तथा क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, पटना प्रमंडल पटना को व्हाट्सएप नंबर 8544412178 द्वारा सूचित किया है कि सीडब्लूजेसी नंबर – 15610/2018 मे न्यायादेश द्वारा सिर्फ और सिर्फ प्रोन्नति नियमावली 1993 के तहत भूतलक्षी प्रोन्नति देने का निर्देश दिया गया है। चूंकि फुल बेंच द्वारा नियमावली 1993 पर स्टेटस-को लगा दिया गया था। जिससे 1993 नियमावली के तहत भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति देने का निदेश है। 2011 नियमावली पर कोई रोक नहीं लगाया था। 2011 नियमावली के तहत भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति देने का प्रश्न ही नहीं है। 2011 नियमावली का कोई विवाद न्यायालय में नहीं था। लेकिन भोजपुर जिला में करोड़ों रुपये की उगाही कर आर्थिक लाभ लेकर नियमावली 2011 के तहत 2011 के भूतलक्षी प्रभाव से अवैध प्रोन्नति दी गई है और राजकोष से गबन कराने की साजिश सच्ची गई है।
सर्वविदित है कि प्रोन्नति नियमावली 2011 तो वर्ष 2018 में ही समाप्त हो गया है और 2018 नियमावली लागू है। तो फिर किसके आदेश से 2011 नियमावली के तहत प्रोन्नति दी गई है। उन्होंने लिखा है कि यह स्पष्ट प्रमाणित है कि भ्रष्टाचार के तहत ऐसा किया गया है।
उन्होंने अनुरोध किया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी भोजपुर के पत्रांक 2094, 2095, 2096 एवं 2097 दिनांक 12/10/2023 द्वारा दी गई प्रोन्नति को अभिलंब रद्द किया जाय। तमाम अनियमितताओं की जांच निगरानी अन्वेषण व्यूरो पटना तथा आर्थिक अपराध इकाई से करवाई जाय। संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारियों और लिपिकों पर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाय। 15 दिनों के अंदर कारगर एवं पारदर्शी कार्रवाई की जाय।
