पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 13 अक्टूबर। मंत्री परिषद की बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के तहत राज्याधीन सेवाओं में प्रोन्नति के पदों पर योग्य कर्मियों को कार्यकारी प्रभाव देने की स्वीकृति दी गई। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय में राज्य कर्मियों की प्रोन्नति का मामला लंबित है। इसके तहत राज्य सरकार कार्यकारी व्यवस्था के रूप में अपने ही वेतनमान में कर्मियों को प्रभार देकर कार्य कराती थी। आज के निर्णय के बाद राज्य सरकार द्वारा उच्चतर पद धारकों को उसी उच्चतर पद का वेतनमान दिया जायेगा। इसके तहत राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में प्रोन्नति में आरक्षण का मामला लंबित रहने की स्थिति में तत्काल सर्वप्रथम कुल पदों में से 16% (अनुसूचित जाति) तथा 1% (अनुसूचित जनजाति) पदों को अलग कर दिया जायेगा। शेष पदों पर प्रोन्नति की सामान्य प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जायेगी। जिसमें से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के कम कर्मियों की अनुमान्यता की स्थिति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के क्रमेण 16% तथा 1% कोटे के पद रिक्त रहेंगे।
