आरा /भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)4 अक्टूबर । मंडल कार्यालय आरा में राजभाषा समापन समरोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में वीर कुवंर सिंह विश्विद्यालय के प्रभारी रजिस्ट्रार तथा डीएसडब्ल्यू, हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ. रणविजय कुमार आमंत्रित रहे कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल प्रमुख संदीप डोंगरे कुमार के नेतृत्व में की गयी। समारोह में उप मंडल प्रमुख आर. के. राय, मुख्य प्रबंधक, आशीष कुमार मुख्य प्रबंधक, अजित कुमार, मुख्य प्रबंधक, राजेश कुमार, मुख्य प्रबंधक तथा शाखा एवं मंडल के स्टाफ सदस्य उपस्थित थे। मंडल कार्यालय आरा में पूरे सितम्बर हिंदी माह का आयोजन किया गया, इस दौरान विभिन्न प्रतियोगताओं अर्थात हिंदी टाइपिंग, राजभाषा प्रश्नोतरी प्रतियोगिता, आशु भाषण, सुलेख तथा निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। समापन समरोह में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. रणविजय कुमार सिंह ने हिंदी की महत्ता पर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि हिंदी राष्ट्र भाषा तभी बन सकती है जब इसके सहज रूप को अपनाया जाए अर्थात हिंदी में आए बाहरी शब्दों यथा अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, पुर्तगाली आदि के शब्दों को हमें स्वीकार करना पड़ेगा तब ही हिंदी जन-जन की भाषा बन सकती है।
उन्होंने सभी भाषाओं के महत्ता को स्वीकार करते हुए बैंकों में हिंदी को प्रयोग में कैसे लाया जाए इस पर अपने विचार व्यक्त किए तथा समस्त स्टाफ सदस्यों को अपने उत्कृष्ट व्याख्यान के माध्यम से हिंदी में कार्य करने हेतु प्रेरित किया। वहीं मंडल प्रमुख ने बैंकिंग में हिंदी के महत्व को समझाते हुए बैंकिंग के दैनंदिन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने हेतु समस्त स्टाफ को प्रोत्साहित किया। समारोह में एलडीएम कार्यालय से आनंद कुमार सिंह ने अपनी कविता जीवन का अहसास’ का पाठ किया। ऋण विभाग के मनीष कुमार माधव के रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘कृष्ण की चेतावनी’ के पाठ ने पूरे सभागार को वीर रस का रसास्वादन करवाया। तत्पश्चात नरेश प्रसाद के मधुर गायन ने समारोह में चार चाँद लगाएं। सामारोह का मंचालन डॉ. पूनम ने किया। अंत में आर. के. राय, उप मंडल प्रमुख के धन्यवाद ज्ञापन के माध्यम से आयोजन का समापन हुआ।
