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मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट पर चर्चा हेतू विधानमंडल के नौ दलों की हुई बैठक

पटना/बिहार (राकेश मंगल सिन्हा) 4 अक्टूबर। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित “संवाद” में जाति आधारित गणना की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए विधानमंडल के 9 दलों की बैठक हुई।
बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव डॉ बी राजेंदर ने बिहार जाति आधारित गणना 2022 की रिपोर्ट का प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान उन्होंने सभी बिंदुओं पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उन्होंने जाति आधारित गणना हेतू कर्मी का पद सोपान, जाति आधारित गणना के चरण, हिंदू , मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध, जैन आदि अन्य धर्म के लोगों की विवरणी, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अनारक्षित की कोटिवार संक्षिप्त विवरणी, जाति आधारित गणना प्रपत्र में उल्लेखित शैक्षणिक योग्यता, आवासीय स्थिति, धर्म, अस्थाई प्रवासीय स्थिति, वैवाहिक स्थिति, आयु, लिंग, जाति का नाम एवं कोड, परिवार के सदस्यों के नाम, परिवार के प्रधान के साथ संबंध, कृषि भूमि, मोटर यान, आवासीय भूमि, कार्यकलाप, पति/ पिता का नाम, सभी स्रोतों से मासिक आय सहित कुल 17 प्रश्नों की विवरण के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री सह नेता हम विधायक दल जीतन राम मांझी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिंहा, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हरि सहनी, कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, ए आई एम आई एम के विधायक दल के नेता अख्तरुल ईमान, भाकपा माले के विधायक दल के नेता महबूब आलम, सीपीआई विधायक सूर्यकांत पासवान, सीपीआई(एम) विधायक अजय कुमार समेत 9 दलों के नेता मौजूद रहे। बैठक में सभी दलों के नेताओं ने कराए गए जाति आधारित गणना की रिपोर्ट पर अपनी-अपनी राय एवं सुझाव दिए। सभी दलों के नेताओं ने जाति आधारित गणना कराये जाने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की। बैठक के पश्चात सभी दलों के नेताओं ने मीडिया के सामने तस्वीर खिंचवाई और जाति आधारित गणना को लेकर खुशी व्यक्त की।
बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2019 से हम जाति आधारित गणना करने के लिए प्रयासरत थे। हम चाहते थे कि 2021 की जनगणना जो हर 10 वर्ष में होती है, जातीय आधार पर हो। 18 फरवरी 2019 को बिहार विधानसभा एवं बिहार विधान परिषद द्वारा जनगणना जाति आधार पर कराने हेतू केंद्र से सिफारिश करने की संकल्प को सर्वसम्मति से पारित किया गया। 27 फरवरी 2020 को बिहार विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से केंद्र सरकार से जनगणना 2021 जातीय आधार पर कराने के अनुरोध का प्रस्ताव पारित किया गया। 23 अगस्त 2021 को सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ हमने प्रधानमंत्री से मिलकर जाति आधारित गणना कराने का अनुरोध किया था। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिर हमने निर्णय लिया कि राज्य सरकार अपने संसाधनों से जाति आधारित गणना करायेगी। 1 जून 2022 को विधान मंडल के सभी 9 दलों की बैठक बुलाई गई जिसमें सभी दलों के नेताओं ने जाति आधारित गणना पर अपनी सहमति दी। 2 जून 2022 को मंत्री परिषद द्वारा इसे पारित किया गया। जाति आधारित गणना दो चरणों में कराया गया। प्रथम चरण 7 जनवरी से 21 जनवरी 2023 के दौरान सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया। इसके पश्चात द्वितीय चरण का पूरा सर्वे 15 अप्रैल 2023 से 15 मई 2023 तक पूर्ण करना था लेकिन कई प्रकार की समस्याएं आईं। अंततः सर्वेक्षण का कार्य 5 अगस्त 2023 को पूर्ण कर लिया गया। उसके बाद संपूर्ण आंकड़े संग्रहित किए गए। जाति आधारित गणना का काम पूर्ण होने के बाद बापू के जन्मदिन के शुभ अवसर 2 अक्टूबर को आंकड़ों को जारी किया गया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जाति आधारित गणना के पीछे मेरी धारणा बहुत पहले से रही है। वर्ष 1990 में पूर्व राष्ट्रपति महामहिम ज्ञानी जैल सिंह जी ने मुझे जातीय आधारित जनगणना की आवश्यकता को समझाया था। मैं, श्रद्धेय मधुलिमये जी और तत्कालीन वित्त मंत्री मधु दंडवते जी, से मिला था। उसके उपरांत मैं तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह जी से मिला था और इस पर चर्चा की थी। परंतु उस समय जनगणना पहले ही शुरू हो चुकी थी। इस कारण उसमें कोई बदलाव नहीं हो सका।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जाति आधारित गणना की रिपोर्ट में सभी वर्गों की डिटेल जानकारी दी गई है। पूरे तौर पर ठीक ढंग से सर्वे किया गया है। हर जाति की जानकारी दी गई है। हर परिवार की आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति की जानकारी ली गई है। अब जाति आधारित गणना की रिपोर्ट आने के बाद सभी दलों की राय से हम लोग राज्य के हित में इस पर काम करेंगे। राज्य के सभी लोगों के उत्थान के लिए इस पर आगे विचार विमर्श कार्य किया जाएगा। हम लोगों का मकसद है लोगों को आगे बढ़ने का। जो पीछे हैं, अपेक्षित हैं, उसकी उपेक्षा न हो। सब आगे बढ़ें। इन सब चीजों को ही ध्यान में रखकर काम किया जायेगा। हम लोगों का मकसद है सभी का विकास करना, उन्हें आगे बढ़ना है। राज्य के हित में सबकी सहमति से कार्य करेंगे।
बैठक में कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव मो सुहैल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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