आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 05 सितंबर।जगजीवन कॉलेज आरा में छात्र/छात्राओं की ओर से शिक्षक दिवस का आयोजन किया कॉलेज की प्राचार्या डॉ आभा सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्राचार्या ने सभी शिक्षकों के साथ केक काटकर जन्मदिन को मनाया एवं अपने वक्तव्य में कबीर दास के दोहे को उद्धृत किया ‘‘शिष्य को ऐसा चाहिए, गुरु को सब कुछ देय ।। गुरु को ऐसा चाहिए, शिष्य का कछु न लेय ।।“ उन्होने इस बात पर जोर दिया कि गुरु की पहचान उसके शिष्य से होती है। सचिन तेन्दुलकर, सानिया मिर्जा, स्वामी विवेकानन्द की प्रतिभा को जब हम देखते हैं तो उनके गुरु को हम याद करते हैं। इसलिए उन्होने छात्रों से आह्वान किया कि जीवन में खूब परिश्रम करिये और अपना, अपने माता– पिता और गुरु का महाविद्यालय का नाम रोशन करिये। इसके बाद छात्र/छात्राओं ने कॉलेज के सभी शिक्षकों को लेखनी देकर सम्मानित किया आशीर्वाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में डॉ. गुलाब फलाहारी ने छात्रों से अनुरोध किया कि वह अधिक से अधिक संख्या में क्लास आए मैं आश्वस्त करता हूँ कि आपको बेहतर ढंग से पढ़ाने की कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं आपसे आपका टैलेंट चाहता हूं आपका ध्यान आकर्षण चाहता हूं। इसके अलावा हमें भौतिक किसी भी चीज की आवश्यकता आपसे नहीं है।
डॉ असलम परवेज ने छात्रों को स्वाध्याय करने एव मूल किताब पढने पर जोर दिया।‘ उर्दू विभाग के अध्यक्ष डॉ शहजाद अख्तर अंसारी ने‘‘बजाहिर एक शिक्षक सिर्फ बच्चों को पढाता है। मगर सच ये है कि नन्ही मुन्ही तकदीरें बनाता है।।’’ शेर के माध्यम से गुरु शिष्य के संबंधों पर चर्चा की। संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ सत्येन्द्र पाण्डेय ने छात्र के पर्यायवाची शब्दों से छात्र की भूमिका एवं कर्त्तव्य पर प्रकाश डाला। तथा आचार्य पद की शास्त्रीय परिभाषा को उद्धृत किया ‘‘ आचिनोति च शास्त्राणि आचारे स्थापयत्यपि। स्वयमाचरते यस्मात्तस्मादाचार्यमुच्यते। अर्थात् आचार्य केवल वर्ग सञ्चालन नहीं करता वरन शास्त्रों का अध्ययन करता है उसे व्यवहार में उतारता है और फिर छात्रों के व्यवहार में उतरवाता है।
कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने किया। इस अवसर पर डॉ कुमार कौशलेन्द्र, डॉ सुनील कुमार, डॉ शिरोमणि सिंह, डॉ शहाब उद्दीन, डॉ राजीव नयन, श्री चन्दन कुमार, डॉ अरशद अली, डॉ अमरेश कुमार आदि महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं अधिक संख्या में छात्र/छात्राओं की उपस्थिति रही।
