हनुमानगढ़/राजस्थान 04 सितंबर। राजस्थान मिशन 2030 कार्यक्रम के तहत् कृषि क्षेत्र में प्रदेश के प्रबुद्धजनों, किसानों, विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों / स्वयं सेवी / स्वैच्छिक संगठनों व अन्य संगठनों / फैडरेशनों के प्रतिनिधि तथा हितधारकों आदि से गहन परामर्श करने हेतु उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक (आत्मा) के सभागार कक्ष में जिला स्तरीय परामर्श कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को किया गया।
डॉ. सुवालाल जाट ने कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए कृषकों को राजस्थान के मिशन 2030 कार्यक्रम की महत्ता को बताया एवं समस्त हितधारकों को जिला स्तरीय परामर्श कार्यक्रम में सुझाव प्रपत्र भरने हेतु निवेदन किया। प्रगतिशील कृषक सुखदेव जाखड़ ने सुझाव दिया कि गुलाबी सुण्डी के प्रबंधन हेतु रेफियूजिया सीड को बीटी बीज के पैकेट में मिक्स न करते हुए अलग से उपलब्ध करवाए।
भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि भूमि की उर्वरा क्षमता को बनाए रखने के लिए रसायनिक उर्वरक एवं कीटनाशकों का कम से कम प्रयोग किया जाए। दयाराम जाखड़ ने कहा कि किन्नू एवं खजूर की खेती की संभावनाओं को देखते हुए जिले में इनकी प्रसंकरण इकाई स्थापित की जाए।
सुभाषचन्द्र डूडी ने जिले में कृषि विभाग की प्रगति यथा डिग्गी, फार्मपौण्ड, सूक्ष्म सिंचाई इत्यादि के बारे में बताया तथा उन्होंने कहा कि सभी हितधारक जनकल्याण एप्प डाउनलोड करें व राजस्थान मिशन 2030 हेतु बनाए गए पोर्टल mission 2030.rajasthan.gov.in पर अपने सुझाव/परामर्श अपलोड करें। अतिरिक्त निदेशक कृषि विस्तार श्रीगंगानगर द्वारा हनुमानगढ जिले में मृदा स्वास्थ्य सुधार हेतु सुझाव दिए गए एवं इस बात की सराहना की गई कि गत वर्ष में तारबंदी योजना में जिले द्वारा भेजे गए सुझावों के अनुसार वांछित दिशा निर्देशों में राज्य स्तर से संशोधन किया गया। जिससे कि जिले में तारबंदी योजना का लाभ अधिक कृषकों को मिल रहा है। निदेशक समेती आत्मा द्वारा कार्यक्रम समापन में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभी हितकारकों को उनके सुझाव राजस्थान मिशन 2030 की रूपरेखा निर्धारण में अहम भूमिका निभायेगें ।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के निदेशक समेती (आत्मा) जयपुर डॉ० सुवालाल जाट, अतिरिक्त निदेशक कृषि एल०एन० बेरवा, संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) सुभाषचन्द्र डूडी, उप निदेशक उद्यान साहबराम गोदारा, सहायक निदेशक कृषि बीआर बाकोलिया, बलकरण सिंह, कृषि उपज मण्डी समिति के सचिव सीएल वर्मा, डीडीएम नार्बाड दयानंद काकोडिया, जिला प्रबंधक एआईसी राजेश सिहाग, कार्यक्रम समन्वयक केवीके संगरिया अनूप कुमार, भूपेन्द्र चौधरी, पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़, कृषि उपज मण्डी समिति अध्यक्ष अमर सिंह सिहाग, कृषि आदान विक्रेता संघ जिला अध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण इत्यादि ने हिस्सा लिया।
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