आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 18 अगस्त।अध्यापन कार्य को सुचारू रूप से चलने के लिए वरीय शिक्षकों की आवश्यक बैठक प्राचार्य प्रो नरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में प्राचार्य कक्ष में हुई। प्राचार्य ने सभी शिक्षकों से शैक्षणिक माहौल बनाने, रूटीन के अनुसार वर्ग संचालन करने और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विचार विमर्श किया गया। इन्होंने खुले रूप से कहा कि महाविद्यालय वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय का सबसे प्राचीन, सबसे बढ़िया और शैक्षणिक से लेकर तमाम गतिविधियों में अग्रणी रहने वाला कॉलेज रहा है। इसकी मर्यादा और नाम के अनुरूप हम सबको प्रयास करके स्थिति को और बेहतर बनाने की जरूरत है। यह सब हम सबो के सामूहिक प्रयास से संभव होगा।

प्राचार्य ने छात्राओं की उपस्थिति के लिए सभी प्रयोगिक कक्षाओं जिनमें भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान जंतु विज्ञान वनस्पति विज्ञान और मनोविज्ञान है,का संचालन करने पर भी जोर दिया। सभी प्रयोगशालाओं में आवश्यक सामग्री और संचालन पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। पचहत्तर प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति के लिए सूचना प्रसारित की गई है, सोशल मीडिया व्हाट्सएप पत्र आदि के माध्यम से छात्र छात्राओं को उनके अभिभावकों को भेजने के लिए विशेष संपर्क अभियान भी चलाया जाएगा। अन्यथा परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित होना पड़ सकता है।महाविद्यालय में चार वर्षीय स्नातक कोर्स को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने मे आने वाली समस्याओं पर विचार किया गया।
डॉ अंजलि गुप्ता ने विशेष रूप से उपस्थिति बढ़ाने के लिए नियमित रूप से पेरेंट्स टीचर मीटिंग होना चाहिए। विभागीय सेमिनार आयोजन करने का निर्णय लिया गया। वही मीटिंग में रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ योगेंद्र सिंह वनस्पति विज्ञान के डॉक्टर अहमद मसूद मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ प्रज्ञा राय,भौतिक विज्ञान के विभाग अध्यक्ष डॉ संजीत कुमार के अलावा माधुरी कुमारी, डॉ साधना प्रसाद, डॉ कांति सिंह, डॉ यासमीन कौशर, डॉ अनुपमा कुमारी, डॉ तबस्सुम बानो तथा सेक्शन ऑफिसर मनीष कुमार जी उपस्थित थे।
