बड़हरा/भोजपुर 14 अगस्त।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन व बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य समिति भोजपुर के तत्वावधान में योग प्रशिक्षक स्वामी विक्रमादित्य ने बड़हरा स्वास्थ्य केन्द्र के उप स्वास्थ्य केन्द्र सह हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर करजा के माध्यम से ग्रामीणों के लिए घुटनों के दर्द से छुटकारा दिलाने के विशेष योग स्वास्थ्य शिविर घुटनों के व्यायाम के लिए लगाई।योग प्रशिक्षक विक्रमादित्य ने घुटनों के व्यायाम के सन्दर्भ में बताते हुए कहे कि पहले भूमि पर लेट जाइये।अपने हाथ पार्श्व भाग में हथेलियाँ भूमि पर टिकी रहेगीं।दोनों घुटनों को कड़क करते हुये उनका निचला भाग भूमि पर टिका दीजिये। घुटनों की कटोरी कुछ उपर को खिचकर कुछ समय इस स्थिति में रहकर घुटनों को ढीला देना चाहिए और ऐसा अभ्यास बढ़ाते चले जाने चाहिए।
इसी स्थिति में दोनों घुटनों के नीचे 6-7इंच मोटा रोलर ,तकिये को दोहरा करके या अपने पैर की एड़ी लगा कर रखें।अब घुटनों को तान कर कुछ समय इस स्थिति में रहकर उसे ढीला छोड़ दिजिये।
भूमि पर सीधा लेटकर बायें घुटने को मोड़ लीजिये और दाहिने पैर को उत्तानपादसन की भाँति ऊपर उठाये तथा पूरा ताने रखकर कुछ समय इस स्थिति में रहकर पैर को नीचे ले आयें और फिर दूसरे पैर से अभ्यास करते जायें।
अपने पैरों को साइकिल की भांति चलाये।कुर्सी का पिछला भाग या मेज का सहारा लेकर खड़े हो जाइये।दोनों एड़ियों को ऊपर उठायें।सारा भार पंजो पर रहेगा।अब नीचे आकर पंजों को उपर उठा लें।भार एड़ियों पर आ जायेगा।
साथ में डा.वृजमोहन योग चैनल के संचालक ने विशेष अभ्यास करवाते हुये बताये कि दण्डासन में बैठकर कर जैसे साइकल के पैडल मारते हैं वैसे ही एक पैर के पञ्जे को आगे तानिए और दूसरे पञ्जे को पीछे की ओर खींचे।घुटना कुछ उठ जाएगा।इसी भाँती बारी-बारी दोनों पैरों से अभ्यास करें।
अब फिर पैरो में 1-2फुट का अन्तर होगा और हाथ पीछे पीछे की ओर रहेंगे, कमर सीधी। पैरों के पंजों को एक दूसरे के अंगुठे के तरफ सें मोड़ते हुये धरती से स्पर्श कराये।
स्वामि विक्रमादित्य ने कुछ सावधानी को बताते हुए कहे कि पानी हमेशा बैठकर ही पिएं खड़े होकर पीने से घुटनों में दर्द होने लगता है।काली हल्दी या हल्दी,मेथी दाना व सोंठ 100ग्राम तथा अश्वगंधा चूर्ण 50ग्राम व 10ग्राम हरश्रृगार के कोमल पत्ते का चूर्ण मिलाकर 1-1चम्मच नाश्ते व सायं खाने के बाद गुनगुने पानी से लेना चाहिए। लहसुन 1-3कली खाली पेट पानी से लेने से लाभ होता है।निर्गुण्डी के पत्तो का तथा मोथा घास की जड़ का पाउडर करके 1-2ग्राम प्रात:सायं खाना खाने के बाद पानी या दूध से लेना चाहिए।एरण्ड के पत्तों को पीस कर हल्का गर्म करके जोड़ो पर लगाने से लाभ मिलता है।






