आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 09 अगस्त।आज वेक्टर बोर्न डिजीज कार्यालय के सभागार में एसीएमओ सह प्रभारी वेक्टर बोर्न डिजीज पदाधिकारी डॉक्टर के एन सिन्हा की अध्यक्षता मे कालाजार से बचाव हेतु छिड़काव का प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया। डा सिन्हा ने बताया कि कालाजार संक्रमित मादा बालू मक्खी के काटने पर लिस्मानिया डोनोवेनाई नामक जीवाणु से होता है। कालाजार में लंबे समय तक बुखार रहता है जो सामान्य उपचार से ठीक नहीं होता है मीना के बाद मरीज के पेट में प्लीहा एवं यकृत लीवर बढ़ जाता है खून की कमी होती है वजन घट जाता है और शरीर का रंग काला पड़ जाता है। विभाग के अजीत पटेल ने बताया कि साल में दो बार कालाजार प्रभावित क्षेत्र में पांच सिंथेटिक पायरेथ्रोऐड दवा का छिड़काव किया जाता है।इस बार कल से जगदीशपुर और बड़हरा के क्षेत्र में कालाजार से बचाव के लिए दवा का छिड़काव किया जाएगा। छिड़काव जमीन से 6 फीट की दूरी तक दीवारों में किया जाएगा ।इसका प्रशिक्षण केयर इंडिया के चंदन जी ने विस्तार दिया की छिड़काव से पहले कमरे के सारे छिद्रों दरार को बंद कर देना है ।कमरे के खाने वाली वस्तुओं ,बर्तन कपड़े को हटा देना है।छिड़काव के बाद 2 घंटे तक कमरे को बंद रखना है ,और उन दीवारों पर 3 माह तक कोई रंगाई पुताई नहीं होना चाहिए।
पहले से छिड़काव के लिए अमेरिकन मशीन है मगर अभी हाल में तीन नए ऑस्ट्रेलियन छिड़काव के मशीन आए हैं उनका भी प्रशिक्षण के दौरान टेस्टिंग किया गया इस शिविर में विभाग के प्रियंका कुमारी ,संतोष कुमार,संगीता कुमारी ,राम विनय सिंह, कौशल जी, रंजन कुमार , सद्दाम हुसैन ,सत्येंद्र सिंह आदि कई कर्मी उपस्थित थे।

