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मणिपुर यौन हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार।

RKTV NEWS/अतुल प्रकाश 01 अगस्त। मणिपुर में यौन हिंसा की शिकार दो महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल उनकी तरफ से पेश हुए। सिब्बल ने बताया कि पीड़‍िताएं नहीं चाहतीं कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। याचिकाकर्ताओं ने मामले का ट्रायल असम ट्रांसफर किए जाने का भी विरोध किया। सिब्बल ने कहा क‍ि हमने मामले को मणिपुर से बाहर रखने की बात कही थी, असम नहीं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ऐसे कई मामले आए हैं। अदालत मंगलवार को भी मामले पर सुनवाई जारी रखेगी। इससे पहले, 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वतः: संज्ञान लेते हुए केंद्र व राज्‍य सरकार को निर्देश जारी किए थे। अदालत ने यह भी कहा था कि अगर सरकार कुछ नहीं करती तो उसे दखल देना पड़ेगा। जवाब में केंद्र ने कहा था कि मामले की जांच CBI को दे दी गई है।

4 मई की घटना की FIR 18 मई को क्‍यों दर्ज हुई?

मणिपुर के वायरल वीडियो पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि जब घटना 4 मई को हुई तो FIR 18 मई को क्यों दर्ज की गई? 4 मई से 18 मई तक पुलिस क्या कर रही थी? यह घटना सामने आई कि महिलाओं को नग्न कर घुमाया गया और कम से कम दो के साथ बलात्कार किया गया। पुलिस क्या कर रही थी?

मणिपुर को हीलिंग टच की जरूरत: सीजेआई

मणिपुर राज्य में हीलिंग टच की भी बहुत जरूरत है। हिंसा बेरोकटोक जारी है और अदालत की ओर से टीम नियुक्‍त होने से संदेश जाता है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर ध्‍यान दिया है… न्यायाधीशों और अधिकारियों को नियुक्त किया जा सकता है जो जमीन पर क्या हो रहा है, इसकी एक निष्पक्ष तस्वीर प्रदान कर सकते हैं, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़

मणिपुर हिंसा: सुप्रीम कोर्ट के तीखे सवाल

मणिपुर पर लंच के बाद सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को फटकार लगाई। अदालत ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि ‘आप कहते हैं कि 6000 FIR फाइल हुई हैं… डीटेल क्‍या है… महिलाओं के खिलाफ कितने अपराध हुए? पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान के कितने मामले हैं?’ सीजेआई ने वायरल वीडियो के मामले में जीरो FIR दर्ज ने करने पर भी नाराजगी जाहिर की।

मणिपुर हिंसा: CJI ने क्‍या कहा

हमें महिलाओं के खिलाफ हिंसा के व्यापक मुद्दे को देखने के लिए एक तंत्र भी बनाना होगा। इस तंत्र को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे सभी मामलों का ध्यान रखा जाए
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, मणिपुर पर सुनवाई के दौरान महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर कितनी FIR हुईं? CJI ने पूछा
मणिपुर पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा की कितनी FIR दर्ज की गई हैं। सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इन तीन महिलाओं का वीडियो यौन शोषण का इकलौता मामला नहीं है, ऐसे और भी मामले हुए हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि इन तीन महिलाओं के साथ न्‍याय हो।

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