आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 31 जुलाई।चौथे सोमवारी पर शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भीड़ उमड़ती रही, घंटियों की टनटनाहट ,हर हर महादेव का जयघोष और बोल बम से मंदिर गुंजायमान होते रहे।
मंदिरों में पुरुष के साथ-साथ महिलाओं का काफी FCहुजूम देखने को मिला। हाथ में जलभरा पात्र, बेलपत्र और पुष्प से आच्छादित, भोले बाबा पर जल अर्पित करने की पवित्र भावना से कतार में बढती महिलाओं की मंडली और उसी प्रकार श्रद्धालु पुरुष भक्तगण दर्शन करने के लिए पंक्तिबद्ध मंदिर के गर्भगृह तक बढ़ते रहे ।
महादेवा आरा का बुढ़वा महादेव मंदिर प्राचीनतम मंदिरों में से एक है और ऐतिहासिक पन्नों में इसके महात्म की चर्चा है। वैसे तो सालों भर मंदिर में दिन भर पूजा, कथा, भजन, कीर्तन, प्रसाद वितरण, धार्मिक और सामाजिक कार्य होते रहते हैं। लेकिन आज का दिन चौथी सोमवारी होने से खास बन गया है। अगर मलमास ना होता तो यह सावन की अंतिम सोमवारी होती। मंदिर समिति के अनुसार एक दिन पहले से ही सफाई, सजावट, सुरक्षा, पूजा पाठ आदि के लिए व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी श्रद्धालुओं को पूजा करने में असुविधा नहीं हो।मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार उपाध्यक्ष शंकर जी केशरी कोषाध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद केसरी मंगरु कुंदन शंकर जी सहित अन्य स्वयंसेवक पूरी तरह से व्यवस्था में व्यवस्था में लगे हुए मंदिर के पुजारी रामाकांत गिरि जी अपने परिवार के साथ पूजा में मुख्य रूप से तत्पर है,कई स्वय सेवक माता बहनों भाइयों को कुआं का पवित्र जल देते नजर आए। वही चंदन का टीका लगवाने के लिए युवा युवतियों में काफी भीड़ देखी गई। मंदिर के बाहर अनेकों दुकान बेलपत्र फल फूल आदि बेचने के लिए लाइन से बैठे हुए।


