रामेश्वरम/तमिलनाडु 29 जुलाई।केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज रामेश्वरम में ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक का विमोचन किया। गृह मंत्री ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम हाउस, मिशन ऑफ लाइफ़ गेलरी म्यूज़ियम और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल मेमोरियल का दौरा किया। साथ ही वे विवेकानंद मेमोरियल भी गए। अमित शाह ने विश्व प्रसिद्ध रामेश्वरम मंदिर में पूजा अर्चना भी की। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि रामेश्वरम मंदिर सनातन संस्कृति की प्राचीनता और वैभव का अक्षुण्ण प्रतीक है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री रामेश्वरम में प्रभु श्री राम ने भगवान शिव की पूजा की थी। आज ‘आदि थिरुविजहा’ के शुभ अवसर पर यहाँ दर्शन कर अत्यंत सुखद व परम सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। भोलेनाथ से देशवासियों की खुशहाली और राष्ट्र की समृद्धि के लिए प्रार्थना की। ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि ‘Dr APJ Abdul Kalam: Memories Never Die’ पुस्तक के विमोचन से देशभर के लोगों को निश्चित रूप से डॉ. कलाम को जानने, समझने व उनका अनुसरण करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में भारतीय रॉकेटरी,साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का इतिहास, भारतीय राजनीति तथा प्रशासनिक प्रणाली का सुंदर निरूपण और डॉ. कलाम की इच्छाओं और उनकी कल्पनाओं से जुड़ी हुए कई घटनाओं का वर्णन समाहित है। इस पुस्तक में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी से जुड़ी हुई घटनाओं का संपूर्ण वर्णन है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि यह पुस्तक रामेश्वरम के गरीब घर में पैदा हुए एक सामान्य बच्चे की भारतीय राजनीति के सर्वोच्च शिखर पर पहुंचने की राह में उनके संघर्ष को समझने में बहुत मददगार साबित होगी।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक डॉक्टर कलाम जी का साहित्य और कला के प्रति प्रेम, तिरूकुरल और भर्थियार की कविताओं के बारे में उनके उद्गार और डॉ. कलाम के जीवन के अनजान पहलुओं को पाठकों के सामने रखती है। शाह ने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम एक महान टीम प्लेयर थे। उन्होंने मैनेजमेंट के सिद्धांत को अपने जीवन में चरितार्थ करने का काम किया।
अमित शाह ने कहा कि पुस्तक में ब्रह्मोस प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ डॉ शिवाथनु पिल्लई के एक अनुभव का वर्णन किया गया है। इसके अनुसार जब SLV3-E01 फेल हो गया तब सारी टीम निराश हो गयी थी परंतु टीम लीडर होने के नाते डॉक्टर कलाम जी ने सब को हौंसला दिया और SLV3-E02 की तैयारी के लिए प्रेरित किया जिसके सफल प्रक्षेपण ने भारत को अगले मुकाम तक पहुंचाने का काम किया। शाह ने कहा कि इसी प्रकार अग्नि मिसाइल के पहले लांच को कुछ दिक्कतों के चलते जब दो-तीन बार स्थगित करना पड़ा तब भी पूरी टीम में निराशा छा गयी। मगर डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी ने उनका उत्साहवर्धन किया और मिसाइल लॉन्चिंग के स्थान पर डेढ़ महीने तक रुक कर रात-रात भर काम किया। बाद में सफल लॉन्चिंग के बाद अग्नि मिसाइल समग्र विश्व में भारत की मिसाइल ताकत की एक परिचायक बन गयी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के नेतृत्व में देश में पांच मिसाइलों को लेकर बड़ा काम हुआ। पृथ्वी, अग्नि, आकाश, नाग और त्रिशूल मिसाइल के नाम से पता चलता है कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम प्रकृति और अध्यात्म से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि एक वैज्ञानिक तभी विश्व के कल्याण का काम कर सकता है जब उसकी आत्मा विज्ञान के साथ-साथ अध्यात्म से भी जुड़ी हो।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने महान राष्ट्रभक्त, वैज्ञानिक तथा पीपल्स प्रेसिडेंट (People’s President) डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 1995 में अब्दुल कलाम जी देश के जाने-माने वैज्ञानिक बन चुके थे और 1997 में उनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी की सादगी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब डॉ. कलाम भारत रत्न लेने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचे, तब बहुत नर्वस थे क्योंकि सूट और टाई में वे सहज महसूस नहीं करते थे।
अमित शाह ने कहा कि एक ही साल में रॉकेट और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को कई सफलता दिलाने वाले महान वैज्ञानिक डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने वर्ष 1998 में देश के भविष्य के लिए अपना विज़न रखने का काम किया। उन्होंने कहा कि इंडिया 2020: ए विज़न फ़ॉर द न्यू मिलेनियम (India 2020: A Vision for the New Millennium) पुस्तक में डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम जी ने भारत के भविष्य और विकास के रोड मैप को रेखांकित किया। शाह ने कहा कि इस पुस्तक में कलाम जी ने तीन मुख्य बातें देश के युवाओं के सामने रखी, पहली – भारत को एक राष्ट्र के रूप में अपनी क्षमताओं को पहचान कर उसे उजागर कर भारत का विकास करना होगा। दूसरी- टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था को विकसित करना होगा। तीसरी- बैलेंस ग्रोथ मॉडल अपनाकर गाँव और शहर, एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री दोनों के बीच में संतुलन बनाकर विकास को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इन तीनों बातों को साकार कर एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ा है।

