मधेपुरा/बिहार 13 जुलाई।जिलाधिकारी, विजय प्रकाश मीणा की उपस्थिति में जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े हुए प्रतिनिधियों के साथ प्रेस वार्ता सह बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि पदस्थापन के अवधि से लगातार उनके द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण किया जा रहा है तथा उन समस्याओं की जानकारी भी प्राप्त की जा रही है जो विकास की गति को प्रभावित करता है। उनकी कोशिश है कि जिले में विकास की दिशा अच्छी हो, तथा सरकार की जो भी योजनाएं संचालित है वह धरातल पर सही ढंग से क्रियान्वित हो सके। जिलाधिकारी ने बताया कि उनके द्वारा एक नया मिशन की शुरुआत की गई, जिनका नाम *MARG*(Madhepura Improving Accessiblity Reachable For Good Governance) रखा गया है। इसके तहत अच्छे सड़कों का निर्माण , प्रभावशाली प्रशासन, गांव के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं की पहुंच तथा सरकारी पदाधिकारी एवं कर्मियों में अनुशासन एवं सेवा भाव निहित है। तभी उद्देश्य की पूर्ति संभव है। उन्होंने कहा कि मधेपुरा आप सबो की जन्मभूमि है और मेरी कर्म भूमि है। हालांकि कर्मभूमि के कार्य का प्रभाव जन्मभूमि पर अवश्य ही पड़ता है। जरूरत इस बात का है की हम सब मिलकर मधेपुरा जिला के लिए काम करें ताकि जिला का विकास की गति तीव्र हो सके।
उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों की कार्यशैली सेवा भाव का होना चाहिए। कार्य में अनुशासन का होना नितांत आवश्यक है। स्वेच्छाचारी अनुशासन हीन एवं उदंड अधिकारी की कार्यशैली किसी भी दृष्टिकोण से स्वीकार योग्य नहीं होगा तथा ऐसे अधिकारी एवं करने दंड के पात्र होंगे। जिले में संचालित विकास कार्य एवं सेवा कि न केवल आम आदमी तक पहुंच हो बल्कि उन्हें शासन एवं प्रशासन के प्रति एक विश्वास का बोध भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि मीडिया के लोगों की भी जिम्मेदारी बनती है कि तथ्य युक्त समस्याओं को उजागर करें ताकि उन जगहों पर पहुंचकर त्वरित गति से समस्या का निदान किया जा सके। मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है जो जन कल्याण की बातें एवं समस्याओं को उठाती है। जिससे प्रशासन को अपने कार्यों के फलाफल का सही परिणाम प्राप्त होता है।
मीडिया के प्रतिनिधि ने विभिन्न समस्याओं को बारी-बारी से उठाया जिसमें प्रमुख है प्रेस क्लब को जीवंत एवं कार्यान्वित कराया जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि इस कार्य को संज्ञान में ले लिया गया है तथा जल्दी यथोचित कार्रवाई की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने बताया कि अधिकारिक बयान नहीं मिलने के कारण काफी दिक्कत होती है तथा खबर की गंभीरता प्रभावित होती है। जिलाधिकारी ने कहा कि इसके लिए मैकेनिज्म बनाया जाएगा ताकि रियल टाइम पर अधिकारिक बयान उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अधिकारी मीडिया बंधु के जनप्रतिनिधियों के साथ विभागीय बैठक करने हेतु कार्य योजना बनाई जा रही है ताकि समस्याओं का त्वरित निष्पादन किया जा सके। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी विभागों द्वारा लोक कल्याण से संबंधित संचालित योजनाओं का समेकित प्रतिवेदन पंपलेट मैगजीन आदि को तैयार करने का निर्देश दिया गया ताकि आम जनों को इस बात की जानकारी प्राप्त हो सके की सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी किस तरह से प्राप्त किया जा सकता है तथा उसकी प्राप्ति ना होने की स्थिति कहां पर अपनी समस्याओं को रख सकते हैं। मीडिया के बंधुओं द्वारा इस बात को संज्ञान में लाया गया की शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों में सार्वजनिक शौचालय ना होने के कारण काफी दिक्कत होती है। खासकर महिलाओं को। इस संबंध में जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में बताया गया कि शहर में नदी के किनारे अवैध निर्माण होने के कारण न केवल पर्यावरण प्रभावित हो रहा है बल्कि भवन निर्माण कानून का भी उल्लंघन हो रहा है। शहर में भू माफियाओं का गिरोह काफी सक्रिय है जिसके कारण विधि व्यवस्था की काफी समस्याएं उत्पन्न हो रही है। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि इन बातों को संज्ञान में ले लिया गया है तथा पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि सिंहेश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण मंदिर के पीछे नदी को पुनर्जीवित करते हुए पर्यटन क्षेत्र की विकास के लिए एक कार्य योजना बनाई जा रही है साथ ही मधेपुरा बायपास को कार्य योजना में लेने हेतु उच्च स्तरीय अधिकारियों से समन्वय स्थापित की जा रही है जिसका परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में जो भी पुरातात्विक महत्व प्राचीन धरोहर स्थल है उन्हें चिन्हित करते हुए उनके विकास हेतु संबंधित विभाग को संसूचित करने की कार्रवाई की जाएगी। मीडिया के एक बंधु द्वारा बताया गया कि स्वर्गीय श्री किराए ऋषि देव जी जो इस क्षेत्र के प्रथम दलित सांसद थे उनकी प्रतिमा एवं उनके घर तक जाने वाली सड़क का आज तक अभाव है साथी राम मनोहर लोहिया द्वारा उन्हें दी गई प्रशस्ति पत्र भी क्षतिग्रस्त होने की कगार पर है। जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

