भोपाल/ मध्यप्रदेश 10जुलाई।भोजपुरी साहित्य अकादमी के द्वारा दो दिवसीय समारोह में भोजपुरी लोकगीत कजरी बिरहा स्थानीय सभागृह में आयोजित प्रथम दिवस भोजपुरी गायिका रिंकी पाण्डेय ने अपनी गायकी से भोजपुरी रस में भाव विभोर कर दिए।
इस समारोह में श्रीमती प्रीति झा तिवारी द्वारा लोक पतंग नाट्य प्रस्तुति किये। जिसे दर्शको क़ो पसंद किये
इस सावन का महीना और कजरी लोकगीत एक दूसरे के पूरक है,सावन में कजरी गायन का विशेष महत्व भी है।
लोक संस्कृति के संरक्षण में भी कजरी के अमूल्य योगदान है,कजरी सावन के उल्लास को प्रदर्शित करने वाली विधा है।
कजरी को लोकगीतों की रानी भी कहा जाता है।
लोक परंपराओं के संरक्षण को दृष्टि से भोजपुरी साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश का यह प्रयास अभिनंदनीय अनुकरणीय है।


