
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 अगस्त। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (गोपगुट) एवं राष्ट्रीय महिला शिक्षक मोर्चा भोजपुर के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को “शिक्षा बचाओ, देश बचाओ” अभियान के तहत आरा शहर में पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा के माध्यम से शिक्षकों ने शिक्षा के बाजारीकरण, निजीकरण एवं व्यवसायीकरण का विरोध करते हुए विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।पदयात्रा जयप्रकाश नारायण स्मृति पार्क से शुरू होकर रेड क्रॉस, शहीद भवन, मठिया मोड़, सुभाष चंद्र बोस स्मारक, नागरी प्रचारिणी, डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक,से होकर जेपी स्मारक पहुंची।”शिक्षा का बाजारीकरण बंद करो”, “सरप्लस शिक्षकों का स्थानांतरण वापस लो”, “शनिवार को स्कूल हाफ डे करो”, “पुरानी पेंशन योजना लागू करो” तथा “सेवारत शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्त करो” जैसे नारे लगाए। जिलाध्यक्ष कृष्ण सिंह ‘विमल’ ने आरोप लगाया कि सरकार स्कूलों का संविलियन कर उन्हें बंद करने की दिशा में काम कर रही है।जिला सचिव धर्म कुमार राम ने कहा कि शिक्षा का बाजारीकरण से आम लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा महंगी और दूर होती जा रही है। संघ के अध्यक्ष राजाराम सिंह ‘प्रियदर्शी’ ने कहा कि शिक्षा और शिक्षक सुरक्षित रहेंगे तभी देश का भविष्य सुरक्षित होगा। महासचिव कुमारी अल्का ने कहा कि शिक्षकों पर लगातार गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ बढ़ाया जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
