
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)18 जून। बुधवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में सिल्क बोर्ड से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सिल्क क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उपस्थित प्रतिनिधियों में मयूराक्षी सिल्क, जेएसएलपीएस, झारक्राफ्ट, रेशम विभाग तथा सेंट्रल सिल्क बोर्ड के अधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल थे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने पूर्व में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की तथा सिल्क उत्पादन एवं उससे संबंधित गतिविधियों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सिल्क उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं विपणन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि सिल्क क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और इसके समग्र विकास के लिए सभी विभागों एवं संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक विभाग एवं संस्था को उनके दायित्वों से अवगत कराते हुए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया।
बैठक में विशेष रूप से सिल्क उत्पादों, खासकर सिल्क साड़ियों के प्रभावी विपणन एवं बाजार विस्तार पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर ऐसी रणनीति तैयार करें, जिससे स्थानीय स्तर पर उत्पादित सिल्क एवं उससे निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके तथा रेशम उत्पादकों एवं बुनकरों को बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों के माध्यम से न केवल सिल्क उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बैठक में सिल्क क्षेत्र के विकास को गति देने तथा निर्धारित कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
