जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा, बेहतर प्रदर्शन के दिए गए निर्देश।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )06 जून।उपायुक्त-सह-अध्यक्ष, जिला जल एवं स्वच्छता समिति (DWSC), पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय स्थित सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित जलापूर्ति एवं स्वच्छता संबंधी योजनाओं की व्यापक समीक्षा करते हुए विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त-सह-उपाध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता समिति प्रेमलता मुर्मू, असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जॉन एफ. कैनेडी, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल अजय कुमार सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरि सहित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रत्येक प्रखंड में मॉडल सामुदायिक शौचालय निर्माण, सैनिटेशन पार्क (वेस्ट टू आर्ट पार्क) की स्थापना तथा एफएसटीपी (Faecal Sludge Treatment Plant) के निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के अंतर्गत निर्धारित कार्यों को अभिसरण के माध्यम से प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मॉडल ग्रामों के सत्यापन, प्रत्येक प्रखंड में एक-एक ब्लॉक वॉश कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति तथा विभागीय निर्देशों के अनुरूप स्वच्छता कार्यक्रमों के बेहतर संचालन पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने सभी योजनाओं की नियमित निगरानी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जल जीवन मिशन की प्रगति पर जताई चिंता
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उपायुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि इस योजना से संबंधित शिकायतें लगातार प्राप्त होती रहती हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को अपने कार्यों में और अधिक गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने की आवश्यकता है ताकि आम जनता का इस महत्वाकांक्षी योजना पर विश्वास बना रहे तथा प्रत्येक घर तक गुणवत्तापूर्ण एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने सभी जूनियर इंजीनियरों को क्षेत्रीय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग करने तथा योजनाओं की प्रगति में सुधार लाने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सभी जूनियर इंजीनियर बेहतर प्रदर्शन के साथ अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आगामी बैठक में खराब प्रदर्शन पाए जाने पर संबंधित जूनियर इंजीनियरों के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई भी की जाएगी।
कार्यालयों में पेयजल व्यवस्था की तैयार होगी सूची
उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति का आकलन करने हेतु सूची तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल को निर्देशित किया कि सभी कार्यालयों से संबंधित विवरण संकलित कर उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराया जाए ताकि आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सड़क निर्माण से बाधित जलापूर्ति बहाल करने के निर्देश
बैठक में सड़क निर्माण कार्यों के कारण बाधित हुई पेयजल आपूर्ति योजनाओं पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता को संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों के प्रोजेक्ट डायरेक्टरों के साथ बैठक आयोजित कर समन्वय स्थापित करने तथा प्रभावित जलापूर्ति योजनाओं को शीघ्र पुनः चालू कराने का निर्देश दिया।
सोलर आधारित जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव पर भी हुई चर्चा
जिले में हाल के दिनों में आए आंधी-तूफान के कारण सोलर आधारित जलापूर्ति प्रणालियों को हुए नुकसान और उनकी मरम्मत में आ रही कठिनाइयों पर भी बैठक में चर्चा की गई। बताया गया कि संबंधित उपकरणों की मरम्मत एवं निर्माण की व्यवस्था वर्तमान में रांची में उपलब्ध है, जिसके कारण समय अधिक लग जाता है। इस पर सुझाव दिया गया कि यदि जिला स्तर पर ही ऐसी व्यवस्था विकसित हो जाए तो योजनाओं के रखरखाव एवं संचालन में उल्लेखनीय सुधार संभव होगा।
ODF Plus मॉडल विलेज एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा
बैठक में (Open Defecation Free) ओडीएफ प्लस मॉडल विलेज, आईएचएचएल (Individual Household Latrine) निर्माण प्रगति, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा कचरा संग्रहण हेतु क्रय किए गए वाहनों के उपयोग एवं संचालन की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर इन वाहनों के सुचारू संचालन के लिए सभी मुखिया 15वें वित्त आयोग की राशि से वाहन चालक की नियुक्ति सुनिश्चित करें तथा उसके मानदेय का भुगतान कर नियमित संचालन की व्यवस्था करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए अपशिष्ट संग्रहण एवं प्रबंधन व्यवस्था का प्रभावी संचालन अत्यंत आवश्यक है।
बैठक के दौरान स्वच्छता अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उपायुक्त ने प्रत्येक प्रखंड में एक-एक मॉडल सामुदायिक शौचालय के निर्माण हेतु सभी अंचल अधिकारियों को उपयुक्त सरकारी भूमि की पहचान एवं चिन्हांकन शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले में एफएसटीपी (Faecal Sludge Treatment Plant) की स्थापना के लिए भी आवश्यक भूमि चिन्हित करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जिले में स्वच्छता प्रबंधन को नई मजबूती मिलेगी तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने तथा जनहित में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी अधिकारी एवं कर्मी पूरी निष्ठा एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जिले को स्वच्छता एवं पेयजल उपलब्धता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

