
आर/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 जून।शाहाबाद बुद्धिजीवी मंच द्वारा प्रो के राय वाचनालय सह शोध संस्थान में सम्मान समारोह सह भ्रातृप्रेम की प्रासंगिकता पर विचार गोष्ठी का आयोजन प्रो विश्वनाथ राय के अध्यक्षता में आयोजित हुआ।
की गई। मुख्य अतिथि सह वक्ता प्रोफेसर जंग बहादुर पाण्डेय ने कहा कि रामचरितमानस में भ्रातृप्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण मिलता है। सनातन धर्म में श्रीराम और भरत के भ्रातृप्रेम से समाज को शिक्षा लेने की आवश्यकता है। आज रामचरितमानस की प्रासंगिकता और ज्यादा बढ़ गई है और यही कारण है कि आज पूरे देश ही नहीं, विदेशों में भी रामचरितमानस पर अनुसंधान हो रहें हैं।विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर रामजी राय,मुक्तेश्वर उपाध्याय,स्वामी विक्रमादित्य, डॉ नथुनी पाण्डेय, महेन्द्र शास्त्री, गजेन्द्र उपाध्याय,राज मंगल तिवारी, विकास राय आदि अनेक बुद्धिजीवियों ने ऐसे साहित्यिक गतिविधियों के लिए डॉ राजेन्द्र प्रसाद को सम्मानित किए।आयोजक डॉ उर्मिला पाल को थावे विद्यापीठ के प्रतिकुलपति प्रो जे बी पाण्डेय ने डी लिट के समतुल्य “विद्यासागर “की उपाधि प्रदान किया।दसवीं बोर्ड की परीक्षा में उच्च विद्यालय धमार के छात्र ने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया था,उसे भी इस मंच से सम्मानित किया गया। डॉ राजेन्द्र प्रसाद ने स्पष्ट कहा कि अन्तिम सांस तक शाहाबाद बुद्धिजीवी मंच के माध्यम से विद्वतजनों के सम्मानित कर राष्ट्रसेवा का कार्य करते रहेंगेडॉ पुरुषोतम उपाध्याय ने मंच संचालन करते हुए कहा कि यह पूरे शाहाबाद के लिए गौरवान्वित करने का शुभ अवसर है जिसमें प्रो जे बी पाण्डेय का व्याख्यान सुनने का सौभाग्य मिला है।
