उपायुक्त ने विभागीय समन्वय और अद्यतन प्रतिवेदन के साथ अगली बैठक में भाग लेने के दिए निर्देश।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )22 मई।गढ़वा जिले में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए उपायुक्त-सह-अध्यक्ष जिला सहकारिता विकास समिति (DCDC) अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में शुक्रवार को उनके कार्यालय कक्ष में जिला सहकारिता विकास समिति की षष्ठम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता संस्थाओं के आधुनिकीकरण, नई समितियों के गठन, गोदाम निर्माण, ग्रामीण रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सभी बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समितियों (MPCS) को CSC ID एवं झारसेवा ID उपलब्ध कराने, कम्प्यूटरीकरण हेतु चयनित समितियों को e-PACS घोषित करने, समितियों में बैंकिंग प्रणाली लागू करने तथा NCD Portal पर अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने जैसे प्रस्तावों पर विचार किया गया। उपायुक्त ने CSC मैनेजर को निर्देश देते हुए कहा कि जिला सहकारिता पदाधिकारी से सूची प्राप्त कर जिन लैंप्स एवं पैक्स में CSC ID अथवा झारसेवा ID का निर्माण नहीं हुआ है, वहां शीघ्र आईडी सृजित कर उसे क्रियाशील बनाया जाए।
बैठक में मत्स्यजीवी एवं दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन को विशेष प्राथमिकता दी गई। उपायुक्त श्री मित्तल ने निर्देश दिया कि जिले के सभी मत्स्यजीवियों की संख्या, उनकी गतिविधियों एवं कार्यों का विस्तृत विवरण तैयार कर उन्हें उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने प्रत्येक पंचायत में दूध उत्पादक सहयोग समिति गठित करने पर जोर दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में जिले में 15 दुग्ध उत्पादक समितियां सक्रिय हैं तथा मेधा डेयरी के प्रतिनिधि ने बताया कि जिले में अभी 75 मिल्क पोलिंग पॉइंट (MPP) संचालित हैं।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के लिए 100 एवं 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदामों के निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने के विषय पर भी चर्चा हुई। इस संबंध में उपायुक्त ने टीम गठित कर संयुक्त निरीक्षण (Joint Inspection) कराने के निर्देश दिए ताकि प्रस्तावित योजनाओं को समयबद्ध रूप से मूर्त रूप दिया जा सके।
इसके अतिरिक्त पशु औषधि विक्रय केंद्र स्थापित करने तथा MPCS में मिनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला एवं मशीन लगाने के प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पाइप जलापूर्ति योजनाओं के ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस (O&M) कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक से पूर्व उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा की अध्यक्षता में ज्वाइंट वर्किंग कमेटी की बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें जिले की निष्क्रिय अथवा अकार्यशील सहकारी समितियों की पहचान, समयबद्ध परीसमापन, उनके स्थान पर नई समितियों के गठन तथा कार्ययोजना के अनुरूप चिन्हित पंचायतों एवं गांवों में नई दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों के गठन के लिए किसानों को प्रेरित करने जैसे विषयों की समीक्षा की गई।
साथ ही *“सहकार से समृद्धि”* अभियान के तहत समितियों की व्यवसाय विकास योजना तैयार कर उनमें आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
बैठक में उपायुक्त श्री मित्तल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बैठक में प्रस्तुत सभी प्रस्तावों को एजेंडा-वार पारित करने से पूर्व उनकी गहन जांच की जाए तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अद्यतन प्रतिवेदन के साथ अगली बैठक में उपस्थित हो, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में उपरोक्त पदाधिकारीयों के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह, कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान, मत्स्य पदाधिकारी धनराज आर. कापसे, गव्य पदाधिकारी गिरीश कुमार, डीडीएम नाबार्ड, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी चंद्रशेखर पटेल, सीएससी मैनेजर मनीष कुमार एवं कौशल किशोर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे।

