
नयी दिल्ली/मनोज कुमार प्रसाद 21 अप्रैल।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” और “ईज़ ऑफ लिविंग” के विज़न का उल्लेख करते हुए कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि दिल्ली में लंबे समय से चल रहे सीलिंग और ध्वस्तीकरण (डेमोलिशन) के संकट का स्थायी समाधान मास्टर प्लान 2041 के माध्यम से किया जाए। कैट ने केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से इस विषय में त्वरित और निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है।इस संबंध में कैट ने श्री खट्टर को भेजे पत्र की एक प्रति दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता को भी भेजी है
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने आज खट्टर को भेजे गए पत्र में कहा कि पिछले दो दशकों से दिल्ली के व्यापारी लगातार सीलिंग और ध्वस्तीकरण के भय के साए में जी रहे हैं, जिससे उनके व्यापार और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ा है तथा शासन के प्रति विश्वास भी कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा, “वर्षों से कठोर कार्रवाई के बावजूद सीलिंग किसी भी सार्थक शहरी नियोजन लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाई है। इसके विपरीत, इसने ईमानदार व्यापारियों को दंडित किया है, जबकि प्रणालीगत खामियां अब भी अनसुलझी हैं।”
मूल कारणों की ओर ध्यान दिलाते हुए खंडेलवाल ने कहा कि 1961, 1981 और 2007 के मास्टर प्लान दिल्ली की बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप पर्याप्त व्यावसायिक अवसंरचना विकसित करने में विफल रहे। “व्यापारियों ने इस कमी को पूरा किया और नागरिकों को आवश्यक वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराईं। यदि कहीं प्रक्रियागत त्रुटियां हुईं, तो वे नीति और नियोजन की कमियों का परिणाम थीं, न कि जानबूझकर किए गए उल्लंघन,” उन्होंने कहा।
