
भोपाल/मध्यप्रदेश ( मनोज कुमार प्रसाद)21 अप्रैल।इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय ,भोपाल में ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ (16 से 30 अप्रैल 2026) के अंतर्गत आज दिनांक 21 अप्रेल को प्रातः 10 से 12.30 बजे तक बच्चों के लिए पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करना तथा कला के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करना था। इस प्रतियोगिता में 8 से 12 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 50 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों में विभिन्न विद्यालयों—SOS चिल्ड्रन्स विलेज, खजूरी कलां (भोपाल), कैम्पियन स्कूल, भौरी,
शारदा विद्या मंदिर, रातीबड़,
नारायणा स्कूल,
कोपल स्कूल, नेहरू नगर,
कमला नेहरू विद्यालय तथा
डीएमएस स्कूल—के छात्र-छात्राएं शामिल थे। विशेष रूप से अनाथ आश्रम के बच्चों की सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक संवेदनशील एवं प्रेरणादायक बनाया।
प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने अपने रंगों और कल्पनाशीलता के माध्यम से ‘स्वच्छ भारत’ के विविध आयामों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
उनके पोस्टरों में कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त भारत, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।
इस प्रतियोगिता का सफल संयोजन संग्रहालय के मुख्य कलाकार ललित बागुल द्वारा किया गया। उनके मार्गदर्शन में बच्चों ने चित्रकला की बारीकियों को समझते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। संग्रहालय के स्वच्छता कार्यक्रम प्रभारी दीपक चौधरी ने बताया कि,कार्यक्रम के अंतिम दिन, अर्थात 30 अप्रैल को ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों स्कूल के विद्यार्थियों जिन्होंने आज पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया है , को संग्रहालय द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।
संग्रहालय के निदेशक डॉ अमिताभ पांडे ने बताया कि,इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम ‘स्वच्छता पखवाड़ा 2026’ के अंतर्गत जन-जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। संग्रहालय आगे भी इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है। संग्रहालय के जन संपर्क अधिकारी हेमंत बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि चित्रकला प्रतियोगिता के दौरान , संग्रहालय परिसर बच्चों की रचनात्मक ऊर्जा और रंगों से सराबोर होकर एक जीवंत कला मंच में परिवर्तित हो गया।
कार्यक्रम के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि बच्चों की कल्पनाशीलता समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखती है। उनके द्वारा बनाए गए पोस्टर न केवल कलात्मक दृष्टि से उत्कृष्ट थे, बल्कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश भी दे रहे थे।
