
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 अप्रैल।अवकाश ग्रहण करने के बाद प्रो लतिका वर्मा पूर्व पीजी मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष वीर कुंवर सिंह विवि आरा रह चुकी है। इन्होंने एक पुस्तक Embracing Aging: A Positive Perspective” की रचना हुई जिसका विमोचन कुलपति प्रो शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी ने किया।उन्होंने कहा कि इस पुस्तक का लाभ senior citizens को मिलेगा और अपना जीवन और बेहतर और खुशहाल बना सकते हैं। प्रो वर्मा ने पुस्तक के माध्यम से अपने विचारों को रखा है।वृद्धावस्था जीवन का एक स्वाभाविक और महत्वपूर्ण चरण है जहाँ व्यक्ति अपने जीवन की उपलब्धियों को संजोते हुए शांति और संतोष का अनुभव कर सकता है। वृद्धावस्था कोई अभिशाप नहीं, बल्कि एक अवसर है,अधूरे सपनों को पूरा करने का, अपने शौक और रुचियों को फिर से जीवंत करने का, और जीवन के हर क्षण को नए उत्साह के साथ जीने का है। वास्तव में, वृद्धावस्था “सेवानिवृत्ति” का नहीं, बल्कि “पुनर्निर्माण” का समय है।
सही दृष्टिकोण अपनाकर जीवन को सबसे सुंदर और संतोषप्रद काल बनाया जा सकता है।
वृद्धावस्था का अर्थ है जीवन के उतार-चढ़ाव को देखने के बाद मिली परिपक्वता । जब सही और गलत का बेहतर आकलन कर दूसरों को मार्गदर्शन दे सकता है।सेवानिवृत्ति के बाद का समय है जो अभाव में छूट गए थे—जैसे यात्रा, पेंटिंग, लेखन, या संगीत उसे पूर्ण करें, शारीरिक स्वास्थ्य के लिए योग, टहलना, मानसिक स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण है।अकेलेपन से बचने के लिए परिवार, दोस्तों और समाज के साथ जुड़ा रहना मानसिक शांति और खुशी के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य संपादक प्रो लतिका वर्मा,सह-संपादक डॉ.कुमारी प्रीतिका और डॉ.वाचस्पति दुबे है।
