
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 अप्रैल।जनपथ पत्रिका के संपादक व वरिष्ठ कथाकार अनंत कुमार सिंह का आज उनके पैतृक गाँव बहेरा (गया) में एक लंबी बीमारी के बाद हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। उनके निधन के समाचार से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। अनंत कुमार सिंह आरा-भोजपुर के साहित्यिक और सांस्कृतिक गलियारों में लगभग चार दशकों तक रचनात्मक रूप से सक्रिय रहे और अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इस दुख की घड़ी में आरा और आसपास के साहित्यकारों व संस्कृतिकर्मियों ने एक शोक सभा आयोजित कर एक मिनट का मौन रखा और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्मृति सभा का संयुक्त आयोजन जनवादी लेखक संघ (जलेस), प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस) व जन संस्कृति मंच (जसम) आरा के साथ-साथ ‘जनपथ’ के संयोजक मंडल व स्थानीय साहित्यकारों द्वारा किया गया। वक्ताओं ने अनंत जी के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
कथाकार नीरज सिंह ने उनके रचनात्मक संघर्ष और प्रकाशकीय चेतना का विस्तार पूर्वक जिक्र किया। कवि-कहानीकार जितेंद्र कुमार व ओम प्रकाश मिश्र ने भी क्रमश: उनके जन सरोकारों तथा रचनात्मक जीवटता की याद दिलाई। उपस्थित सभी लोगों ने महत्वपूर्ण रूप से यह रेखांकित किया कि उन्होंने साहित्य के गहरे सरोकारों को आजीवन जीया।
इस अवसर प्रो. रविंद्र नाथ राय, श प्रो. दिवाकर पाण्डेय, प्रो. अयोध्या प्र. उपाध्याय, प्रो. बलिराज पाण्डेय, प्रो. मृत्युंजय सिंह, प्रो. नवनीत राय, सुमन कुमार सिंह, संतोष श्रेयांश, जितेंद्र शुक्ल, जनार्दन मिश्र, राजाराम प्रियदर्शी, ओमप्रकाश मिश्र, सुनील चौधरी, शिवदान सिंह, सूर्यप्रकाश, अमित मेहता, विक्रांत कुमार, राकेश ओझा ‘गुड्डू’, डा. शीलभद्र, अनिरुद्ध कुमार सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, कन्हैयाजी, रेणु मिश्र तथा ममता मिश्र आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। दूरभाष पर सुधीर सुमन, बलभद्र, सुनील श्रीवास्तव, अखिलेश, अरुण शीतांश, शौकत हयात, शेषनाथ पाण्डेय, सुरेश कांटक, राकेश कुमार सिंह, चंद्रेश्वर, हरेराम सिंह आदि साहित्यकारों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का संचालन जसम के सचिव सुमन कुमार सिंह ने किया।
