
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का निर्देश:उपायुक्त

उपायुक्त ने 106 चयनित अभ्यर्थियों को सौंपे ऑफर लेटर।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड)21 मई।उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य एवं जनकल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी सहित स्वास्थ्य विभाग से संबंधित अधिकारियों, कार्यक्रम पदाधिकारियों एवं अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक प्रारंभ होने से पूर्व जिला स्तर पर विभिन्न पदों के लिए चयनित 106 अभ्यर्थियों की नियुक्त की प्रक्रिया पुरी करते हुए सांकेतिक रूप से उपायुक्त श्री मित्तल के द्वारा 15 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। उन्होंने सभी चयनित अभ्यर्थियों को सदर अस्पताल से ट्रेनिंग की प्रक्रिया पूरी करते हुए जल्द से जल्द कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति से जिला प्रशासन एवं जनसेवा तंत्र को मजबूती मिलेगी तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता एवं जनहित की भावना के साथ कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की।
इसके उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के समग्र स्वास्थ्य परिदृश्य एवं विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिला प्रोफाइल पर चर्चा करते हुए जिले की स्वास्थ्य संरचना, उपलब्ध संसाधनों एवं सेवाओं की स्थिति का आकलन किया गया।
मातृ स्वास्थ्य एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के क्रम में संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, टीकाकरण एवं पोषण संबंधी सेवाओं की प्रगति पर विचार-विमर्श किया गया। उपायुक्त ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु जमीनी स्तर पर बेहतर समन्वय एवं सतत निगरानी के निर्देश दिए।
परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जागरूकता बढ़ाने एवं लक्षित समूह तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। इसी क्रम में राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम (NBCP) के अंतर्गत नेत्र जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन एवं दृष्टिबाधित व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली गई
बैठक में सिकल सेल स्क्रीनिंग की स्थिति, बीपीएचयू (BPHU) की प्रगति, तथा जिले में उपलब्ध एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत टीबी मरीजों की पहचान, उपचार एवं फॉलोअप की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने लक्ष्य आधारित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। वहीं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम (PMNDP) के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं एवं मरीजों को मिल रही सेवाओं पर भी चर्चा की गई।
बैठक में ब्लड बैंक की स्थिति, यूडीआईडी (UDID), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) की प्रगति की समीक्षा की गई। लाभुकों को योजनाओं का समय पर लाभ उपलब्ध कराने तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा, गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS), आसाध्य रोग योजना, एवं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (NUHM) से संबंधित कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग एवं जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार एवं सरकारी योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए तय लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने आगे कहा कि आज की समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संबंध में जो भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं, उनका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी सीएचसी एवं पीएचसी में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी नियमित रूप से उपस्थित रहें, ताकि आम नागरिकों को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
साथ ही उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कितने लाभुक उपचार हेतु अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, इसकी समुचित मॉनिटरिंग करने तथा लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने अधिकारियों को लगातार फील्ड विजिट करने, जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण करने तथा जहां कहीं भी किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाए, वहां संबंधित कर्मियों के विरुद्ध आवश्यक एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
