
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 मार्च।जगदेव नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के आज पांचवे दिन प्रवचन करते हुए श्रीमत्सनातनशक्तिपीठाध्यक्ष आचार्य डॉ भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि भगवान ने श्रीकृष्णावतार लेकर गोकुलवासियों की सभी संकटों से रक्षा की और उनके सर्वविध उत्कर्ष का मार्ग प्रशस्त किया।आचार्य ने कहा कि जहां तक प्राणियों का समुदाय है, संसार है, उसे गोकुल कहते हैं।भगवान श्रीकृष्ण ने प्राकट्य के छठे दिन ही बच्चों को मारनेवाली पूतना का उद्धार कर दिया।शकटासुर, तृणावर्त,वत्सासुर, बकासुर,अघासुर,धेनुकासुर, प्रलंबासुर आदि असुरों का उद्धार कर व्रजमंडल को निरापद किया।आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने देवताओं के मोह का भी निरसन कर ब्रह्मा जी,यक्षराज कुबेर के पुत्रों,अग्निदेव और वरुण को अपने स्वरूप का दर्शन देकर कृतार्थ किया।देवराज इंद्र ने सांवर्तक मेघों को भेजकर व्रजमंडल पर प्रलयंकर संकट उत्पन्न कर दिया था जिसे भगवान श्रीकृष्ण ने एक ही हाथ से सात दिनों तक लगातार सात कोस के गोवर्धन पर्वत को धारण कर दूर कर दिया था।इंद्रदेव के गर्व को चूर कर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अपने अनुशासन से अनुगृहीत किया।कामधेनु ने भगवान का गोवंश और गोकुल की रक्षा के लिए अभिनन्दन किया और देवराज इंद्र के हाथों गोविंद पद पर अभिषेक किया।आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण गोवंश और गोकुलमंडल अर्थात संसार के रक्षक (इंद्र) होने से गोविंद कहलाए।

