
आरा /भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 मार्च।स्थानीय सरदार पटेल बस पड़ाव में भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान द्वारा संचालित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच परिसर में भारत रत्न बिस्मिलाह खां की 110वीं जयंती समारोह आयोजित की गई।
इस जयंती समारोह की अध्यक्षता पप्पू सिन्हा और संचालन भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र सिंह ने की।
समारोह की शुरुआत भोजपुरी के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर, चर्चित पखावज वादक बाबू ललन सिंह और अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां की सांस्कृतिक मंच परिसर में स्थापित प्रतिमा पर सामूहिक रूप से माल्यार्पण और पुष्पांजलि के साथ किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ” बिस्मिल्ला खां – व्यक्तित्व और कृतित्व ” पर चर्चा आयोजित किया गया।
चर्चा का विषय प्रवेश करते हुए ” भोजपुरी शोध एवं विकास ट्रस्ट ” के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण यादव ” कृष्णेंदु ” ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ाँ ( जन्म: 21 मार्च, 1916 – मृत्यु: 21 अगस्त, 2006 ) हिन्दुस्तान के प्रख्यात शहनाई वादक थे। उनका जन्म डुमराँव, बिहार में हुआ था। सन् 2001 में उन्हें भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
वह तीसरे भारतीय संगीतकार थे जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है।
एक बार की बात है जब उस्ताद बिस्मिल्ला खां को अमेरिका से बुलावा आया कि आप यहीं पर बस जाओ, हम आपको सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराएंगे तो उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि यहां गंगा है, यहां काशी है, यहां बालाजी का मंदिर है, यहां से जाना मतलब इन सभी से बिछड़ जाना। यह वाक्या दर्शाता है कि वो अपने देश से कितना प्रेम करते थे।
आरा नगर निगम वॉर्ड नम्बर 36 के पूर्व वार्ड पार्षद मनोज कुमार पासवान ने कहा कि विश्व विख्यात शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां जी की जयंती को सरकार द्वारा राष्ट्रीय समारोह के स्तर पर आयोजित करना चाहिए था।
प्राकृतिक योगपीठ ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी विक्रमादित्य भगत ने कहा कि उस्ताद बिस्मिल्ला खां जी ने शहनाई वादन को विश्व भर में विख्यात किया।
भोजपुरी भाषा के कवि दूधेश्वर मिश्र ने अपनी कविता के माध्यम से शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
” बक्सर – डुमरांव ह जेकर मकानवां।
शहनाई जेकर गावे देशभक्ति के गनवां।। ”
भोजपुरिया जन मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद सिंह ने कहा सरकार को सम्मानित कलाकारों की जयंती समारोह उत्सवपूर्ण करवाना चाहिए। उन्होंने इस आयोजन के लिए पत्रकार नरेन्द्र सिंह को धन्यवाद दिया।
व्यास कमलेश आंनद ने कहा डुमरांव जैसे कस्बाई जगह में जन्मे उस्ताद बिस्मिल्ला खां ने अपने मेहनत और लगन से अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त किया।
इस आयोजन में विजय कुमार सिंह, भगवती पासवान, जितेन्द्र पासवान, सर्वजीत कुमार, भारत सिंह, विशाल कुमार, एस. के. सिंह आदि शामिल थे।
मंच संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार नरेन्द्र सिंह ने कहा कि भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। यहाँ भिखारी ठाकुर हैं तो बाबू ललन सिंह और अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां भी हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पप्पू सिन्हा ने कहा कि हमें अपने संगठन को मज़बूत करना है और इस तरह के आयोजन को थोड़ा विस्तृत रूप देने की जरूरत है। उस्ताद बिस्मिल्ला खां हम सब के धरोहर हैं और उनकी जयंती उत्सवपूर्ण होनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में डॉ नन्द किशोर राम ने आगत अतिथियों और सभी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।

