
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)18 मार्च।देवघर की नगर गँवाली पूजा बाबा बैद्यनाथ मंदिर से जुड़ी एक प्राचीन परंपरा है, जो नगर की सुख, शांति और महामारियों से रक्षा के लिए की जाती है। इसी कड़ी में मंगलवार को बाबा मंदिर में पंडा धर्मरक्षिणी सभा के तत्वावधान में बाबा मंदिर प्रांगण स्थित तारा मंदिर के सामने धूमना अर्पित करने के लिए सभा के सदस्यों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना कर अग्नि प्रज्वलित की गई मौके पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, सभा के अध्यक्ष डॉ सुरेश भारद्वाज महामंत्री निर्मल मंटू झा व सदस्यों ने भी घूमना अर्पित कर माता से मंगल कामना की।
इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग नगर गवाली पूजा को लेकर बाबा मंदिर पहुंचे और शाम को संध्या आरती कर मां काली को धूमना अर्पित किया। ज्ञात हो कि यह पूजा आदि काल से ही नगर कल्याणार्थ के रूप में मनाया जाता है। पूर्व में महामारी फैलने से बुद्धिजीवी एवं धर्म आचार्यों द्वारा महामारी की रोकथाम को लेकर यह पूजा शुरू की गई थी जिसमें तीन दिनों तक माता की आराधना करने का निर्णय लिया गया था। इस परंपरा का आज भी निर्वहन हो रहा है। इसके तहत प्रथम दिन नगर बांधा जाता है। इस दिन नगर के लोग नगर से बाहर नहीं जाते हैं। उसके बाद से माता को शर्बत एवं जल अर्पित किया जाता है। दूसरे दिन शोभा यात्रा निकालकर आजाद चौक पर स्थित माता शीतला को निमंत्रण देने के लिए पंडा धर्मरक्षिणी सभा के नेतृत्व में दर्जन की संख्या में लोग गाजा-बाजा एवं धूमना जलाकर पहुंचते हैं। तीसरे दिन मां की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है जिसमें शाम को बाबा मंदिर प्रांगण स्थित मां काली मंदिर के सामने धूमना जलाया जाता है।
