
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड )04 मई।जिले में जल जीवन मिशन कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आज समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और आगामी कार्यनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी, अभियंता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जल जीवन मिशन के तहत गढ़वा जिले के सभी क्षेत्रों में ‘हर घर नल से जल’ योजना की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक प्रखंड में चल रही योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक में पेयजल आपूर्ति कार्य से जुड़े सभी संवेदक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि कार्यों में समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। साथ ही वन विभाग, NHAI, सड़क निर्माण विभाग एवं पंचायती राज विभाग जैसे संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया।
एफएचटीसी कार्यों में हो रही देरी पर उपायुक्त ने गंभीर चिंता व्यक्त की और इसे तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को अगली बैठक तक शत-प्रतिशत पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया। कनिय अभियंताओं को नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करने तथा अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन के साथ अगली बैठक में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन ठेकेदारों का कार्य प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अभियंताओं को भी चेतावनी दी गई।
बैठक में विभिन्न योजनाओं जैसे SVS, MVS, FHTC, VWSC तथा ‘हर घर जल’ से संबंधित रिपोर्टों की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं का नियमित स्थल निरीक्षण करें और उसकी रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करना अत्यंत आवश्यक है, जिससे हर घर तक समय पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की तथा आगामी कार्ययोजना को लेकर सार्थक विचार-विमर्श किया।
जल जीवन मिशन के मुद्दे पर विशेष जोर देते हुए उपायुक्त ने कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक सतत सामाजिक अभियान है। उन्होंने पंचायत स्तर पर इसकी नियमित निरीक्षण और जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही मुखिया एवं जलसहिया के सहयोग से ग्रामीणों को यूजर चार्ज के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि योजनाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सके और उनकी स्थिरता बनी रहे।
बैठक में उपायुक्त अनन्य मित्तल ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि *जल जीवन मिशन केवल एक योजना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक घर तक सम्मानजनक जीवन पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण संकल्प है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी परिवार स्वच्छ पेयजल से वंचित न रहे, यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समयबद्धता, गुणवत्ता और जवाबदेही को कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा और जनभागीदारी के माध्यम से ही इस मिशन को पूर्ण सफलता तक पहुंचाया जा सकता है।
