
RKTV NEWS/दुमका ( झारखंड)17 मार्च। सोमवार को जिला पशुपालन कार्यालय, दुमका के प्रांगण में एक दिवसीय जिला स्तरीय पशु मेला-सह-प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त अभिजीत सिन्हा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सहायक समाहर्ता, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित जिले के सभी पशु चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर पशुपालकों को पशुपालन से संबंधित विभिन्न योजनाओं, आधुनिक तकनीकों तथा जीविकोपार्जन के अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। *साथ ही गौ पालकों को सेक्स सॉर्टेड सीमेन तकनीक के बारे में विशेष रूप से जागरूक किया गया, जिससे लगभग 90 से 100 प्रतिशत तक बाछी (मादा बछड़ा) के जन्म की संभावना बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने लाभुकों से संवाद भी किया। रामगढ़ प्रखंड के दिव्यांग लाभुक परमेश्वर महतो ने बताया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व उन्हें योजना के तहत 4 बकरी एवं 1 बकरा प्राप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि अपनी लगन और मेहनत से आज उन्होंने इसे बढ़ाकर कुल 29 बकरियों तक पहुंचा लिया है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से काफी सहयोग मिला और उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
उपायुक्त ने इसे एक प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए अन्य लाभुकों से भी इससे सीख लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही परिसंपत्तियों को अपनी संपत्ति समझते हुए उसका समुचित उपयोग करें और उसे आगे बढ़ाकर अपनी आजीविका को सशक्त बनाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि पशुपालन को अपनाकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त द्वारा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना (वित्तीय वर्ष 2025-26) के अंतर्गत लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
इसके अंतर्गत प्रखंड रामगढ़ में बत्तख चूजा वितरण योजना (30) के तहत 11 यूनिट, ब्रायलर कुक्कुट पालन योजना (500) का 1 यूनिट तथा दो गाय की योजना के 2 यूनिट वितरित किए गए। प्रखंड दुमका में पाँच गाय की योजना के 2 यूनिट एवं दो गाय की योजना के 5 यूनिट लाभुकों को दिए गए।
प्रखंड सरैयाहाट में पाँच गाय की योजना का 1 यूनिट तथा बकरा विकास योजना (8+2) का 1 यूनिट वितरित किया गया। वहीं प्रखंड मसलिया में बत्तख चूजा वितरण योजना (30) के 10 यूनिट तथा बकरा विकास योजना (8+2) के 5 यूनिट लाभुकों के बीच वितरित किए गए।
