
RKTV NEWS/चतरा ( झारखंड)12 मार्च।समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त कीर्तिश्री जी की अध्यक्षता में उद्योग विभाग से संबंधित केंद्र प्रायोजित महत्वपूर्ण योजनाओं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLMC) की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने दोनों योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) एवं विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधकों को 10 दिनों के भीतर निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन करते हुए समयबद्ध तरीके से स्वीकृति प्रदान करें। बैठक में उपस्थित शाखा प्रबंधकों ने निर्धारित समयावधि के भीतर लक्ष्य पूर्ण करने के लिए सहमति भी जताई।
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में चतरा जिले का लक्ष्य 94 इकाई का है। इसके लिए कुल 330 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 217 आवेदन को विभिन्न शाखाओं से अस्वीकृत कर दिया गया। वर्तमान में 113 आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित हैं, जबकि अब तक 33 आवेदनों को बैंकों द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।
वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले का लक्ष्य 25 इकाई निर्धारित है। इसके लिए 116 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 65 आवेदन विभिन्न शाखाओं द्वारा अस्वीकृत किए गए हैं, जबकि 45 आवेदन विभिन्न बैंकों में लंबित हैं। अब तक 6 आवेदनों को बैंकों द्वारा स्वीकृत किया गया है।
बैठक में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र चतरा शंभु शरण बैठा, अग्रणी जिला प्रबंधक बैंक ऑफ इंडिया चतरा, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग रांची के निदेशक, आरसेटी के प्रतिनिधि, हेमंत केसरी, जिला उद्यमी समन्वयक उद्योग विभाग चतरा, ईओडीबी मैनेजर शुभाशीष कुमार, प्रखंड उद्यमी समन्वयक सत्येंद्र यादव, राहुल कुमार, अरविंद कुमार, योगेश कुमार, वेदप्रकाश, पिंटू यादव, सुमन कुमार, उमेश कुमार, सरदार शिशुपाल सिंह सहित विभिन्न बैंकों — स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं आईडीबीआई बैंक के जिला समन्वयक उपस्थित थे।
