
RKTV NEWS/हाजीपुर (वैशाली)11 मार्च।जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में AES/JE (चमकी बुखार) से बचाव एवं उपचार की व्यापक तैयारियां की गई है।
डीएम के निर्देश पर इस संबंध में सिविल सर्जन, जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में की गई तैयारियों की समीक्षा की।
इस दौरान बताया गया कि संभावित चमकी बुखार के मामलों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए जिले में व्यापक तैयारियां की गई है। ग्रामीण स्तर पर जागरूकता और प्रारंभिक पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगभग 750 आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे गांवों में लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के प्रति जागरूक कर सकें।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर तैयार किया जा रहा है, जो आगे जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे।
जिला अस्पताल एवं अन्य अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और उपकरणों का आकलन किया गया है तथा जहां कमी पाई जाएगी उसे अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है।
AES से निपटने के लिए जिले के सभी अस्पतालों में AES किट उपलब्ध कराई गई है, जिसमें बीपी मशीन, थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर और एम्बु बैग सहित आवश्यक उपकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त जिला अस्पताल में AES मरीजों के इलाज के लिए 39 बेड का पीकू वार्ड तैयार किया गया है, जिसे और सुसज्जित किया जा रहा है। वहीं जिले के प्रत्येक प्रखंड अस्पताल में AES मरीजों के लिए अलग से 2-2 बेड की व्यवस्था की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित प्राथमिक उपचार सुनिश्चित करने के लिए सभी आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सेविकाओं को ओआरएस के 10 पैकेट एवं पेरासिटामोल सिरप की एक-एक बोतल उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समुदाय में इसका वितरण किया जा सके।
सिविल सर्जन ने बताया कि सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि किसी बच्चे या व्यक्ति को दो दिनों से अधिक बुखार हो, तो उसे तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाकर उपचार सुनिश्चित किया जाए।
जिला वेक्टर बॉर्न डिजीज नियंत्रण पदाधिकारी ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में जिले में AES का कोई भी मामला या मृत्यु दर्ज नहीं हुई थी, फिर भी सभी स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रखते हुए अलर्ट मोड में रखा गया है।
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने निर्देश दिया कि सभी अस्पतालों में 24×7 चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा प्रचार-प्रसार के माध्यम से आम लोगों को बीमारी के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने नगर परिषद और नगर पंचायतों के माध्यम से भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
डीएम ने AES से प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने और नोडल पदाधिकारी नामित करने का भी निर्देश दिया, ताकि किसी भी संभावित स्थिति में त्वरित समन्वय और कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
