
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 मार्च।समाज में बदलाव लाने वाले लोग अक्सर शोर से नहीं, बल्कि निरंतर और शांत प्रयासों से इतिहास लिखते हैं। भोजपुर, आरा की सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. कुमारी सुनिता सिंह ऐसी ही एक प्रेरक शख्सियत हैं, जिनका जीवन संघर्ष, शिक्षा और समाजसेवा की एक सशक्त मिसाल है। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उन्हें उनके उल्लेखनीय सामाजिक योगदान के लिए “गार्गी अवार्ड” से भी सम्मानित किया जा रहा है। परिस्थितियां चाहे कितनी भी विषम क्यों न हों, दृढ़ संकल्प के सामने वे टिक नहीं पातीं।उनकी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करना भी आसान नहीं था क्योंकि स्कूल तक उपलब्ध नहीं था।लेकिन सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई जारी रखते हुए उन्होंने न केवल उच्च शिक्षा प्राप्त की, बल्कि आगे चलकर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय,आरा से समाजशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि भी हासिल की। कभी अपने लिए संघर्ष करती रही लेकिन आज हजारों बच्चों और महिलाओं के लिए सुन्दर भविष्य बनाने में लगीं है।डा सुनीता दिशा एक प्रयास” संस्था की सचिव हैं।इनके नेतृत्व में महिलाओं का सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।इनके प्रयास से अब तक 1526 बाल विवाह रोके जा चुके हैं और 450 से अधिक बाल श्रमिकों को रिहा करा कर उन्हें शिक्षा और सुरक्षित जीवन की ओर लौटाया गया है।
इनकी पहचान केवल संगठन तक सीमित नहीं है। वे कई सरकारी और सामाजिक समितियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महिला सशक्तिकरण, बाल संरक्षण, मानव तस्करी रोकथाम, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम कर रही हैं। उनके कार्यों को समय-समय पर कई राष्ट्रीय और सामाजिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। उन्हें भोजपुर गौरव सम्मान, प्रशाशनिक सम्मान सहित अनेक पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किआ गया है। उनके नेतृत्व में “उड़ान – सशक्त महिला, समृद्ध पंचायत”जिसमे ज़िले के दो मॉडल पंचायत हेतु कार्य चल रहा है।
